कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के एक बयान के बाद अमेरिका और कनाडा के संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कार्नी ने कहा कि उनकी सरकार ने अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई जैसे बेहद कम संभावना वाले परिदृश्य पर भी विचार किया है। उन्होंने इसे बेहद कम संभावना लेकिन गंभीर परिणाम वाले जोखिम के तौर पर बताया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे किसी संभावित युद्ध की भविष्यवाणी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कनाडा ने ऐसे जोखिम पर क्यों किया विचार?
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकारें कई तरह के संभावित जोखिमों का आकलन करती हैं। इनमें ऐसे परिदृश्य भी शामिल हो सकते हैं जिनकी संभावना बेहद कम हो, लेकिन जिनके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
कार्नी के बयान का संदर्भ अमेरिका और कनाडा के बीच हाल के व्यापारिक और राजनीतिक तनाव से जुड़ा है। इसके बावजूद दोनों देश लंबे समय से सुरक्षा सहयोगी हैं और उत्तर अमेरिकी सुरक्षा के लिए मिलकर काम करते हैं।
सैन्य क्षमता में कितना अंतर?
उपलब्ध 2026 के सैन्य आंकड़ों के अनुसार अमेरिका और कनाडा के सैन्य संसाधनों में काफी अंतर है।अमेरिका के पास लगभग 13.33 लाख सक्रिय सैन्यकर्मी हैं, जबकि कनाडा के पास करीब 63,500 सक्रिय सैन्यकर्मी हैं। रिजर्व बलों की संख्या में भी दोनों देशों के बीच बड़ा अंतर है।
रक्षा बजट के मामले में भी अंतर काफी बड़ा है। अमेरिका का वार्षिक रक्षा बजट सैकड़ों अरब डॉलर में है, जबकि कनाडा का रक्षा खर्च उससे काफी कम है। इसका सीधा असर दोनों देशों की सैन्य संरचना, उपकरणों और वैश्विक स्तर पर सैन्य अभियान चलाने की क्षमता पर पड़ता है।
वायु शक्ति में अमेरिका की बड़ी क्षमता
वायु शक्ति के मामले में भी दोनों देशों की सैन्य संरचना काफी अलग है। अमेरिका के पास बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान, रणनीतिक परिवहन विमान, टैंकर और विशेष मिशनों के लिए विमान हैं।
कनाडा की वायुसेना का आकार तुलनात्मक रूप से छोटा है। उसका एक महत्वपूर्ण फोकस कनाडाई हवाई क्षेत्र, आर्कटिक क्षेत्र और उत्तर अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था पर रहता है।दोनों देश उत्तर अमेरिकी हवाई सुरक्षा के लिए NORAD के माध्यम से लंबे समय से सहयोग करते रहे हैं।
नौसैनिक ताकत में भी बड़ा अंतर
नौसैनिक क्षमता में अमेरिका के पास विमानवाहक पोत, परमाणु पनडुब्बियां और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लंबे समय तक अभियान चलाने की क्षमता रखने वाला बड़ा बेड़ा है।
कनाडा की नौसेना का आकार इससे काफी छोटा है। कनाडाई नौसेना का प्रमुख ध्यान अपने विशाल समुद्री क्षेत्र, आर्कटिक, अटलांटिक और प्रशांत क्षेत्र में निगरानी तथा सुरक्षा पर रहता है।
कनाडा बढ़ा रहा है रक्षा खर्च
कनाडा भी अपनी रक्षा क्षमता को आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है। देश की सुरक्षा रणनीति में आर्कटिक क्षेत्र को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसके लिए नए विमान, जहाज, पनडुब्बियां, ड्रोन, रडार और अन्य निगरानी प्रणालियों में निवेश की योजनाएं बनाई जा रही हैं।
कनाडा के लिए आर्कटिक क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश का विशाल भूभाग इस क्षेत्र तक फैला हुआ है। बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में कनाडा अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
बयान को किस संदर्भ में समझें?
मार्क कार्नी का बयान अमेरिका और कनाडा के बीच सैन्य संघर्ष की घोषणा नहीं है। उन्होंने जिस परिस्थिति का उल्लेख किया, उसे बेहद कम संभावना वाले जोखिम के तौर पर पेश किया गया है।
मौजूदा सैन्य आंकड़ों में अमेरिका और कनाडा के बीच सैनिकों की संख्या, रक्षा बजट, वायु शक्ति और नौसैनिक संसाधनों में बड़ा अंतर दिखाई देता है। दूसरी ओर, कनाडा अपनी रक्षा क्षमता को आधुनिक बनाने और आर्कटिक तथा उत्तर अमेरिकी सुरक्षा पर अधिक ध्यान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
