प्रयागराज के चर्चित माफिया अतीक अहमद के परिवार पर मुसीबतों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान की झांसी में हुए एक सड़क हादसे में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अपने बड़े भाई से मिलने जेल जा रहा था, तभी रास्ते में यह दर्दनाक दुर्घटना हो गई। इस घटना के बाद एक बार फिर अतीक अहमद और उसके परिवार की पूरी कहानी चर्चा में है।
अतीक अहमद का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। उसके पिता इलाहाबाद में तांगा चलाते थे। कम उम्र में ही उसने पढ़ाई छोड़ दी और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। वर्ष 1979 में महज 17 साल की उम्र में उस पर पहला हत्या का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद उसने अपराध की दुनिया में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत की और प्रयागराज में खौफ का दूसरा नाम बन गया।
बाहुबल के दम पर अतीक ने राजनीति में भी प्रवेश किया। वह कई बार विधायक बना और वर्ष 2004 में फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद भी चुना गया। हालांकि, हत्या, अपहरण, रंगदारी और जमीन कब्जाने जैसे गंभीर मामलों में उसके खिलाफ 100 से अधिक मुकदमे दर्ज हुए।
अतीक के पतन की शुरुआत राजू पाल हत्याकांड और उसके बाद उमेश पाल हत्याकांड से मानी जाती है। फरवरी 2023 में उमेश पाल की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की। इसी अभियान के दौरान अतीक के बेटे असद का झांसी में एनकाउंटर हुआ। कुछ ही दिनों बाद प्रयागराज में पुलिस हिरासत के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
अब ताजा हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत ने परिवार को एक और बड़ा झटका दिया है। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अब भी फरार बताई जाती हैं, जबकि बड़े बेटे उमर और अली अलग-अलग मामलों में जेल में बंद हैं। चौथे बेटे अहजाम की परवरिश रिश्तेदारों के संरक्षण में हो रही है।
कभी अपराध और राजनीति में प्रभाव रखने वाला यह परिवार आज बिखर चुका है। घटनाओं की यह पूरी श्रृंखला बताती है कि समय के साथ अतीक अहमद का साम्राज्य कैसे पूरी तरह खत्म हो गया।
