Wednesday, October 28, 2026
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फिलीपींस में राजनाथ सिंह-पीट हेगसेथ की मुलाकात: आसियान सम्मेलन में भारत-अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी पर नजर

by Sagar Sharma
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भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फिलीपींस के सेबू में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) में शामिल होने पहुंचे हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत, अमेरिका और आसियान देशों के रक्षा मंत्री क्षेत्रीय सुरक्षा, सैन्य सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते रणनीतिक हालात पर विचार-विमर्श करेंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी इस बैठक में शामिल होने के लिए फिलीपींस पहुंचे हैं। ऐसे में राजनाथ सिंह और हेगसेथ के बीच संभावित द्विपक्षीय बातचीत को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सेबू में जुटेंगे दुनिया के प्रमुख रक्षा प्रतिनिधि

फिलीपींस 28 और 29 अक्टूबर को 20वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक और 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस की मेजबानी कर रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और विभिन्न देशों के बीच रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाना है।आसियान के 11 सदस्य देशों के साथ भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे आठ संवाद साझेदार भी इस मंच का हिस्सा हैं।

इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘Navigating Our Future Together’ रखी गई है। इसके तहत सदस्य देश भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों, आपसी सहयोग और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के उपायों पर चर्चा करेंगे।

राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ की मुलाकात क्यों अहम?

राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ के बीच फिलीपींस में द्विपक्षीय बातचीत होने की संभावना है। हालांकि, 28 अक्टूबर की सुबह तक इस मुलाकात के विस्तृत एजेंडे और बातचीत के अंतिम नतीजों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

भारत के रक्षा मंत्री इस बैठक के दौरान विभिन्न देशों के रक्षा प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बातचीतों का उद्देश्य मौजूदा रक्षा संबंधों की समीक्षा करना और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के नए रास्ते तलाशना है।

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही व्यापक है। दोनों देश सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक, सैन्य उपकरणों, सूचना साझाकरण और रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग करते रहे हैं।

पिछले वर्ष दोनों देशों ने 10 साल की प्रमुख रक्षा साझेदारी रूपरेखा पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता रक्षा सहयोग को दीर्घकालिक दिशा देने के उद्देश्य से किया गया था। ऐसे में इस वर्ष की संभावित बातचीत में उस साझेदारी को आगे बढ़ाने से जुड़े विषय महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान

आसियान रक्षा बैठक के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा प्रमुख मुद्दों में शामिल रहने की संभावना है। दक्षिण चीन सागर और पश्चिम फिलीपीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्रीय देशों के लिए समुद्री सुरक्षा महत्वपूर्ण बन गई है।फिलीपींस और चीन के बीच समुद्री क्षेत्रों को लेकर विवाद लंबे समय से चर्चा में है। ऐसे में इस सम्मेलन में समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कानून और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

भारत लगातार एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र की वकालत करता रहा है। भारत का मानना है कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए तथा विवादों का समाधान बातचीत के माध्यम से होना चाहिए।राजनाथ सिंह की इस यात्रा का उद्देश्य भी आसियान देशों के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सहयोग बढ़ाना है।

आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और सैन्य सहयोग भी एजेंडे में

आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद-रोधी सहयोग, साइबर सुरक्षा, शांति स्थापना अभियान और मानवीय सहायता जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।भारत और मलेशिया 2024 से 2027 तक आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं। इस सहयोग के माध्यम से दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए साझा प्रयास कर रहे हैं।

इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्य, सैन्य चिकित्सा, समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमता बढ़ाने जैसे विषय भी इस मंच के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।भारत के लिए यह बैठक दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी रणनीतिक भूमिका को मजबूत करने का अवसर है।

क्या भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों में होगा नया विस्तार?

राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ की संभावित मुलाकात को भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, सैन्य संपर्क बढ़ाने तथा क्षेत्रीय सुरक्षा पर साझा दृष्टिकोण विकसित करने के अवसर मौजूद हैं।हालांकि, बैठक में किन विशिष्ट समझौतों या निर्णयों पर सहमति बनेगी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

फिलहाल राजनाथ सिंह का फिलीपींस दौरा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सक्रिय रक्षा कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सम्मेलन के दौरान होने वाली द्विपक्षीय बातचीत और क्षेत्रीय सुरक्षा पर नेताओं के विचार आने वाले समय में भारत की रणनीतिक साझेदारियों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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