ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान में अमेरिका को भारी सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है। अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च सर्विस की 5 अक्टूबर 2026 को अपडेट की गई रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के दौरान अमेरिका के कम से कम 81 फिक्स्ड-विंग, हेलिकॉप्टर और ड्रोन प्लेटफॉर्म नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं। हालांकि, यह आंकड़ा केवल पूरी तरह नष्ट हुए विमानों का नहीं है। इसमें ऐसे विमान भी शामिल हैं जिन्हें नुकसान पहुंचा और जिनमें से कुछ को बाद में फिर से सेवा में लाया जा सकता है।
12 F-15E और 45 MQ-9 Reaper भी सूची में
नुकसान की सूची में अमेरिका के कई महत्वपूर्ण सैन्य प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इनमें 12 F-15E Strike Eagle, एक F-35A Lightning II, दो A-10 Thunderbolt II और सात KC-135 Stratotanker शामिल हैं। इसके अलावा E-3 Sentry, MC-130J, HH-60W, MQ-4C Triton, MQ-1 सीरीज के ड्रोन और कई हेलिकॉप्टर भी इस सूची में शामिल हैं।
सबसे बड़ी संख्या MQ-9 Reaper ड्रोन की है। रिपोर्ट के अनुसार 45 MQ-9 Reaper ड्रोन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं। ये ड्रोन लंबे समय तक निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और जरूरत पड़ने पर सटीक हमलों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। एक MQ-9 की अनुमानित कीमत करीब 3 से 5 करोड़ डॉलर के बीच बताई जाती है, इसलिए इतनी बड़ी संख्या में नुकसान अमेरिकी सैन्य क्षमता और भविष्य की तैनाती दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
F-15E को भी भारी नुकसान
F-15E Strike Eagle से जुड़ी घटनाएं भी इस रिपोर्ट में प्रमुखता से सामने आई हैं। तीन F-15E विमान 2 मार्च को कुवैत के ऊपर फ्रेंडली फायर की घटना में मार गिराए गए थे। इसके बाद अप्रैल में ईरान के ऊपर एक और F-15E खोया गया। वहीं सितंबर में जॉर्डन स्थित मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस पर हुए हमलों के दौरान आठ अन्य F-15E को नुकसान पहुंचा। इनमें से क्षतिग्रस्त विमानों को दोबारा सेवा में लाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
F-35A और E-3 Sentry भी प्रभावित
अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में शामिल F-35A Lightning II भी इस सूची में है। इसके अलावा E-3 Sentry एयरबोर्न अर्ली वार्निंग और कंट्रोल विमान को भी नुकसान पहुंचा। E-3 जैसे विमान युद्ध क्षेत्र में निगरानी, कमांड और नियंत्रण के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
रिपोर्ट में AH-64 Apache, AH-6 Little Bird और MH-60 Sea Hawk जैसे हेलिकॉप्टरों को हुए नुकसान का भी उल्लेख है। कुल सूची में मानवयुक्त विमानों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन भी शामिल हैं।
3.3 अरब डॉलर की भरपाई का अनुमान
अमेरिका के लिए इस नुकसान का आर्थिक असर भी बड़ा है। कांग्रेस के बजट कार्यालय ने अगस्त 2026 तक युद्ध में खोए सैन्य उपकरणों को बदलने की लागत का अनुमान 1.9 अरब से 3.3 अरब डॉलर के बीच लगाया था। यह राशि केवल इन 81 विमानों की कीमत नहीं है, बल्कि व्यापक सैन्य उपकरणों की भरपाई से जुड़ी है। इसलिए 3.3 अरब डॉलर को सीधे 81 एयरक्राफ्ट की कीमत मानना सही नहीं होगा।
इसके अलावा ईरान युद्ध पर अमेरिकी रक्षा विभाग की कुल परिचालन, लॉजिस्टिक्स, गोला-बारूद, उड़ान और उपकरण संबंधी लागत इससे कहीं अधिक बताई गई है। अगस्त की शुरुआत तक इसका अनुमान लगभग 38 अरब डॉलर लगाया गया था।
आंकड़े अभी बदल सकते हैं
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 81 का आंकड़ा अंतिम नहीं माना जा सकता। कुछ जानकारियां अभी वर्गीकृत हैं, सैन्य अभियान की स्थिति बदलती रहती है और कुछ घटनाओं में नुकसान के लिए जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त विमानों में से कुछ की मरम्मत के बाद वापसी भी संभव है।
इसलिए मौजूदा आंकड़ा अमेरिका के सैन्य नुकसान की एक विस्तृत सार्वजनिक तस्वीर जरूर देता है, लेकिन इसे पूरी तरह अंतिम नुकसान के रूप में नहीं देखा जा सकता। फिर भी 45 MQ-9 Reaper और 12 F-15E जैसे प्लेटफॉर्म का नुकसान बताता है कि ईरान अभियान अमेरिका के लिए सैन्य और आर्थिक दोनों स्तरों पर महंगा साबित हो रहा है।
