थाईलैंड इन दिनों भीषण बाढ़ और खराब मौसम की दोहरी मार झेल रहा है। सितंबर के मध्य से शुरू हुई भारी बारिश ने देश के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित किया है। अब तक बाढ़ से कम से कम 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग इसके प्रभाव में हैं। हालात पूरी तरह सामान्य भी नहीं हुए हैं और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में फिर से तेज बारिश, गरज के साथ आंधी और अचानक बाढ़ की आशंका जताई है।
47 प्रांत और बैंकॉक बाढ़ की चपेट में
बाढ़ का असर थाईलैंड के बड़े हिस्से में देखा गया है। आपदा संबंधी आंकड़ों के अनुसार, 16 सितंबर से शुरू हुई बाढ़ अब 47 प्रांतों और बैंकॉक तक पहुंच चुकी है। करीब 14.6 लाख परिवार यानी लगभग 41 लाख लोग किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।
राजधानी बैंकॉक में भी कई इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला। लगातार बारिश के कारण सड़कों, रिहायशी क्षेत्रों और निचले इलाकों में पानी भर गया। कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। हालांकि कुछ इलाकों में पानी का स्तर कम हुआ है, लेकिन निचले क्षेत्रों में अब भी जलभराव की समस्या बनी हुई है।
फिर तेज बारिश का अलर्ट
सबसे बड़ी चिंता यह है कि बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने से पहले ही मौसम ने फिर करवट ले ली है। 5 से 7 अक्टूबर के बीच थाईलैंड के ऊपरी हिस्सों में गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इससे पहले से प्रभावित इलाकों में दोबारा अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने लोगों को निचले इलाकों, जलधाराओं और पहाड़ी क्षेत्रों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज बारिश के साथ अचानक जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
बैंकॉक में प्रशासन ने बढ़ाई तैयारी
राजधानी में प्रशासन बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए पानी की निकासी तेज करने में जुटा है। प्रमुख नहरों से अतिरिक्त पानी निकालने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पंप लगाने की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य बारिश के दौरान शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव कम करना है।
बैंकॉक की भौगोलिक स्थिति और कई निचले इलाकों के कारण भारी बारिश के समय यहां जलभराव का खतरा पहले से अधिक रहता है। लगातार बारिश होने पर सड़क परिवहन और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
सरकार ने राहत के लिए जारी किए अरबों बाट
बाढ़ से हुए नुकसान के बाद सरकार ने राहत और पुनर्वास के लिए 4.1 अरब बाट से अधिक की आपात सहायता राशि को मंजूरी दी है। इसका इस्तेमाल प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों और बाढ़ के बाद की स्थिति सुधारने में किया जा रहा है।
प्रशासन के सामने फिलहाल दोहरी चुनौती है। एक तरफ पहले से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचानी है, वहीं दूसरी ओर आने वाली बारिश से नए नुकसान को रोकना है।
अक्टूबर में फिर बढ़ सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 9 से 13 अक्टूबर के बीच देश के कुछ हिस्सों में फिर से भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मध्य, पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों के अलावा बैंकॉक और आसपास के इलाकों पर भी मौसम की निगरानी बढ़ाई गई है।समुद्री इलाकों में भी तेज हवाओं के दौरान लहरें ऊंची उठ सकती हैं। ऐसे में नावों और अन्य समुद्री गतिविधियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
थाईलैंड में मौजूदा बाढ़ ने एक बार फिर दिखाया है कि लगातार भारी बारिश के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था पर कितना दबाव पड़ सकता है। आने वाले कुछ दिन राहत और बचाव कार्यों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। प्रशासन की नजर जलस्तर, बारिश और संवेदनशील इलाकों पर बनी हुई है। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
