Thursday, October 8, 2026
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अफगानिस्तान में फिर गूंजे धमाकों की आवाज, 9 की मौत का दावा; महिलाओं और बच्चों के भी मारे जाने की खबर

by Sagar Sharma
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए जाने की खबर सामने आई है। अफगान अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से सामने आए आंकड़ों में अंतर है और घटनास्थल से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

कुनार और हेलमंद में हुए हवाई हमले

बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी विमानों ने अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांत के कुछ इलाकों को निशाना बनाया। अफगान अधिकारियों का दावा है कि हमलों की चपेट में रिहायशी इलाके भी आए और कुछ मकानों को नुकसान पहुंचा।

स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, हमले रात के समय किए गए। उस वक्त बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में मौजूद थे। हमलों के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया गया। मलबे से लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की गई और घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों तक पहुंचाया गया।

पाकिस्तान ने आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही

पाकिस्तान की ओर से इन हवाई हमलों को आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई बताया गया है। पाकिस्तानी पक्ष का कहना है कि जिन स्थानों को निशाना बनाया गया, वहां आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े लोग और उनके ठिकाने मौजूद थे।

पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान में मौजूद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP से जुड़े लड़ाकों पर अपने देश में हमले करने का आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल उसके खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए।

वहीं, अफगान तालिबान सरकार पाकिस्तान के इन आरोपों को स्वीकार नहीं करती और सीमा पार सैन्य कार्रवाई का विरोध करती रही है।

नागरिकों की मौत ने बढ़ाई चिंता

ताजा हमलों में महिलाओं और बच्चों के मारे जाने की खबर ने नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अफगान पक्ष का कहना है कि सैन्य कार्रवाई में आम लोगों को निशाना बनाया गया, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ की गई थी।

इसी वजह से मृतकों की संख्या और उनकी पहचान को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर दिखाई दे रहा है। ऐसे मामलों में वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए स्वतंत्र और विश्वसनीय जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इस साल सीमा पार हिंसा बनी बड़ी चुनौती

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार हिंसा का मुद्दा लंबे समय से विवाद का कारण रहा है। दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन को लेकर भी ऐतिहासिक मतभेद हैं। इसके अलावा TTP की गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन के बीच लगातार तनाव बना हुआ है।

हाल के महीनों में सीमा से जुड़े इलाकों में गोलीबारी और हवाई हमलों की घटनाओं ने स्थिति को और जटिल बनाया है। नागरिक आबादी वाले इलाकों में सैन्य कार्रवाई होने से मानवीय नुकसान की आशंका भी बढ़ जाती है।

आगे क्या होगा, इस पर नजर

ताजा एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशों पर भी नजर रहेगी। पाकिस्तान अपनी सुरक्षा चिंताओं को लेकर कार्रवाई की बात करता रहा है, जबकि अफगान पक्ष अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाता है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस हमले में वास्तविक नुकसान कितना हुआ और क्या दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए तनाव को कम करने की कोई कोशिश होती है। घटनाक्रम के बारे में सामने आने वाली आधिकारिक और स्वतंत्र जानकारी के बाद ही पूरे नुकसान की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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