नई दिल्ली: विपक्षी दलों का INDIA गठबंधन आज 30 सितंबर 2026 को एक अहम बैठक करने जा रहा है। बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विवाद और विपक्ष की आगे की संयुक्त रणनीति जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक को लेकर कई विपक्षी दलों के नेताओं की भागीदारी तय मानी जा रही है, जबकि कुछ दलों और नेताओं ने इससे दूरी बनाई है।
चुनावी प्रक्रिया और SIR पर रहेगा खास ध्यान
बैठक के प्रमुख मुद्दों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR शामिल है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं पहले भी सामने रखते रहे हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए।
बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी साझा रणनीति बनाने की कोशिश की जा सकती है। विपक्षी दल संसद के भीतर और बाहर इन विषयों को किस तरीके से उठाएंगे, इस पर भी चर्चा हो सकती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर भी चर्चा संभव
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर भी विचार किया जा सकता है। विपक्षी दल संसद में उनके खिलाफ प्रस्ताव लाने की संभावनाओं पर चर्चा कर सकते हैं।
हालांकि, इस संबंध में अंतिम रणनीति विभिन्न दलों की बैठक में होने वाली चर्चा और सहमति के बाद ही स्पष्ट होगी। विपक्ष इस मुद्दे को व्यापक राजनीतिक अभियान से जोड़ने पर भी विचार कर सकता है।
कई प्रमुख विपक्षी दल होंगे शामिल
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ कई अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं के शामिल होने की संभावना है।तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, आरजेडी की ओर से तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, वाम दलों और शिवसेना (यूबीटी) के प्रतिनिधियों सहित कई नेता इसमें शामिल हो सकते हैं।
उद्धव ठाकरे के बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़ने की जानकारी भी सामने आई है।
अखिलेश यादव की जगह सपा का प्रतिनिधिमंडल
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बैठक में व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं रहेंगे। उनकी जगह पार्टी का प्रतिनिधि बैठक में शामिल होगा।
बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी व्यस्तताओं के कारण अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जरूर हुई हैं, लेकिन पार्टी की ओर से इसे व्यस्तता से जोड़ा गया है।
AAP और DMK ने बैठक से बनाई दूरी
आम आदमी पार्टी और डीएमके इस बैठक में शामिल नहीं हो रही हैं। हालांकि, चुनाव आयोग से जुड़े कुछ मुद्दों पर दोनों दलों का विपक्ष के साथ अलग-अलग स्तर पर समर्थन जारी रहने की बात सामने आई है।
डीएमके और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मतभेदों के चलते पार्टी ने बैठक से दूरी बनाई है। वहीं AAP भी बैठक में शामिल नहीं होगी। इसके बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े प्रस्ताव जैसे किसी विशेष मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ उसका रुख अलग हो सकता है।
इससे साफ है कि विपक्षी दल कुछ मुद्दों पर एक साथ दिखाई दे सकते हैं, लेकिन गठबंधन के भीतर सभी विषयों पर उनकी राजनीतिक स्थिति एक जैसी नहीं है।
बैठक के बाद सामने आएगी आगे की रणनीति
बैठक में चर्चा के बाद विपक्षी दल संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस, संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों और संभावित देशव्यापी कार्यक्रमों को लेकर फैसला कर सकते हैं।SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों के अलावा विपक्षी दलों के बीच आपसी समन्वय, संसद की रणनीति और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी विचार हो सकता है।
इस बैठक की अहमियत इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि एक तरफ कई विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर साझा रुख बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ AAP और DMK की गैरमौजूदगी तथा कुछ प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति गठबंधन के भीतर मौजूद अलग-अलग राजनीतिक रुख को भी सामने लाती है।
आने वाले दिनों में बैठक में लिए गए फैसले यह तय करेंगे कि विपक्ष इन मुद्दों को संसद और सार्वजनिक मंचों पर किस तरह आगे बढ़ाता है।
