दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास एक नाबालिग लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद छात्राओं में आक्रोश देखने को मिला। मामले के विरोध में लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) की छात्राओं ने विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर निगरानी और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में बड़ी संख्या में छात्राएं एक साथ विरोध करती नजर आ रही हैं। कई छात्राओं के हाथों में मोबाइल फोन और विरोध से जुड़े पोस्टर दिखाई दे रहे हैं।
कालकाजी मंदिर के पास हुई कथित वारदात
बताया जा रहा है कि घटना दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी इलाके में स्थित आस्था कुंज पार्क के पास हुई। आरोप है कि एक नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी। इसके बाद दोनों पार्क की तरफ गए।
आरोप है कि वहां कुछ युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोका और पूछताछ के नाम पर डराया। इसके बाद लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया गया। आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया
घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की।
छात्राओं ने निकाला विरोध मार्च
घटना के बाद छात्राओं में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। विरोध मार्च के दौरान छात्राओं ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने पुलिस गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में निगरानी मजबूत करने और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की जरूरत पर जोर दिया।
छात्राओं का कहना है कि कॉलेज और उसके आसपास के इलाकों में आने-जाने वाली महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच जारी
पुलिस ने मामले में तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़िता और उसके दोस्त को किस तरह डराया और घटना को अंजाम देने के लिए किन परिस्थितियों का इस्तेमाल किया गया।
मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
कॉलेज और आसपास की सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद कॉलेजों और उनके आसपास स्थित पार्कों तथा सार्वजनिक रास्तों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। ऐसे स्थानों पर पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी कैमरे और नियमित पुलिस गश्त की मांग सामने आई है।
छात्राओं के विरोध मार्च का उद्देश्य भी इसी सुरक्षा चिंता को सामने लाना बताया गया है। प्रदर्शन के माध्यम से छात्राओं ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की।
फिलहाल मामले की कानूनी जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी। नाबालिग पीड़िता की पहचान कानून के तहत गोपनीय रखी गई है।
