ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। जेवर क्षेत्र में चलती स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में नौ यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस तथा दमकल की टीमों ने पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
रात के समय बस में लगी आग
बताया जा रहा है कि बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा की ओर जा रही थी। रात करीब 11:30 बजे के आसपास बस यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर क्षेत्र के पास पहुंची। इसी दौरान बस में अचानक आग लग गई।
रात का समय होने के कारण बस में कई यात्री सो रहे थे। आग और धुआं फैलने के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
कुछ यात्री बस के अंदर फंसे
आग इतनी तेजी से फैली कि सभी यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। दमकल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। आग बुझने के बाद बस की तलाशी ली गई, जहां कई यात्री अंदर फंसे मिले।
हादसे में कुल नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में पुरुषों के साथ एक महिला के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं घायल यात्रियों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है।
मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि उनके परिवारों को सूचना दी जा सके।
आग कैसे लगी, इसकी जांच जारी
बस में आग लगने की वास्तविक वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। शुरुआती जांच में बस के एसी सिस्टम या तकनीकी खराबी से आग शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।पुलिस बस के इंजन, वायरिंग, एसी सिस्टम और अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच कर रही है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि आग लगने के बाद यात्रियों को बाहर निकालने के लिए बस में मौजूद आपातकालीन व्यवस्था ने किस तरह काम किया।
चालक और परिचालक से पूछताछ
हादसे के बाद पुलिस ने बस के चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग लगने से पहले बस में किसी तरह की तकनीकी समस्या दिखाई दी थी या नहीं।
पुलिस यह भी जांच रही है कि यात्रियों ने आग या धुएं को लेकर कोई चेतावनी दी थी या नहीं और उसके बाद बस चालक तथा परिचालक ने क्या कदम उठाए।
स्लीपर बसों की सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसी बसों में आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, वायरिंग और एसी सिस्टम की नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है।
यमुना एक्सप्रेसवे जैसे तेज रफ्तार मार्ग पर चलने वाली बसों में किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे की वास्तविक वजह, मृतकों की पहचान और घायलों की स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी जांच आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगी।
