भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को कारोबार की शुरुआत शानदार तेजी के साथ हुई, लेकिन दिन बढ़ने के साथ बाजार की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 400 अंक तक मजबूत हुआ था, जबकि निफ्टी भी 23,500 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि दोपहर तक बिकवाली का दबाव बढ़ गया और दोनों प्रमुख सूचकांकों ने अपनी शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया। सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 600 अंकों से ज्यादा नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 23,300 के स्तर के नीचे फिसल गया।
तेजी के बाद अचानक बदला बाजार का रुख
सुबह बाजार में खरीदारी का माहौल था। खासतौर पर IT कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी ने शुरुआती कारोबार को सहारा दिया। लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, महंगे कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर घरेलू बाजार पर दिखाई देने लगा।दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक नीचे आ गया और अपने इंट्राडे हाई से 600 से अधिक अंक की गिरावट दर्ज कर चुका था। निफ्टी भी 23,300 के नीचे कारोबार करता दिखाई दिया। इस अचानक बदलाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव इस समय कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ा हुआ है। ब्रेंट क्रूड करीब 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। तेल की कीमतों में लगातार मजबूती भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता का विषय बनती है, क्योंकि इससे आयात बिल और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है
इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक को लेकर निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। वैश्विक बाजारों में कमजोरी ने भी भारतीय शेयरों पर दबाव बढ़ाया है।
IT शेयरों ने दिखाई बाजार से अलग ताकत
जहां ज्यादातर सेक्टर दबाव में नजर आए, वहीं IT शेयरों ने बाजार को कुछ राहत दी। Nifty IT Index शुरुआती कारोबार में करीब 4 प्रतिशत तक चढ़ा और बाद में भी लगभग 3 प्रतिशत की बढ़त बनाए हुए था। TCS, Infosys, HCLTech और अन्य प्रमुख IT कंपनियों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
IT शेयरों में तेजी की एक बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बदलती वैश्विक धारणा रही। AI के विकास की रफ्तार को लेकर कुछ प्रमुख टेक इंडस्ट्री आवाजों की सावधानी भरी टिप्पणियों से निवेशकों को लगा कि पारंपरिक IT सेवाओं पर तत्काल दबाव की आशंका कुछ कम हो सकती है।
किन शेयरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?
गिरावट के दौरान वित्तीय शेयरों समेत कई प्रमुख कंपनियों पर दबाव देखने को मिला। BEL, कुछ Adani समूह के शेयर और कई वित्तीय कंपनियां कमजोर रहीं। Shriram Finance में भी गिरावट देखी गई। दूसरी ओर HDFC Bank में CEO पद के लिए उम्मीदवारों से जुड़ी खबर के बाद मजबूती बनी रही।
आगे बाजार की दिशा पर रहेगी नजर
निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फेड के फैसले पर रहेगी। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है। ऐसे माहौल में शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।फिलहाल मंगलवार का कारोबार यह दिखा रहा है कि वैश्विक आर्थिक चिंताओं के बीच भारतीय बाजार में तेजी टिकना आसान नहीं है। हालांकि IT सेक्टर की मजबूती ने बाजार में एक सकारात्मक संकेत जरूर दिया है।
