महाराष्ट्र के नागपुर से बैंक लूट का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक आरोपी ने बैंक कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए उनकी आंखों में लाल मिर्च पाउडर फेंका और मौका मिलते ही 4.53 लाख रुपये की नकदी लेकर फरार हो गया। हालांकि उसकी योजना ज्यादा देर तक कामयाब नहीं हो सकी और पुलिस ने कुछ ही समय बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
ग्राहक बनकर बैंक पहुंचा, फिर अचानक मचा हड़कंप
घटना नागपुर के सक्करदरा थाना क्षेत्र की एक बैंक शाखा में हुई। बताया जा रहा है कि आरोपी सामान्य ग्राहक की तरह बैंक के अंदर पहुंचा था। कुछ देर तक वहां रहने के बाद उसने अचानक कर्मचारियों पर लाल मिर्च पाउडर फेंक दिया।अचानक हुए इस हमले से बैंक में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारी अपनी आंखों को बचाने की कोशिश करने लगे और इसी दौरान आरोपी ने नकदी से भरा बैग उठाया और बैंक से बाहर भाग निकला।
मिर्च पाउडर का सहारा लेकर दिया वारदात को अंजाम
आरोपी ने लूट के दौरान किसी हथियार का इस्तेमाल करने के बजाय मिर्च पाउडर को हथियार बनाया। कर्मचारियों की आंखों में मिर्च पाउडर पड़ते ही उन्हें कुछ समय के लिए परेशानी हुई और आरोपी को भागने का मौका मिल गया।वारदात के बाद बैंक में मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
CCTV कैमरे ने खोल दिया पूरा राज
बैंक में लगे CCTV कैमरों में लूट की पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में आरोपी बैंक के अंदर दिखाई देता है और कर्मचारियों पर मिर्च पाउडर फेंकने के बाद नकदी लेकर बाहर निकलता नजर आता है।CCTV फुटेज पुलिस के लिए आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ। फुटेज के आधार पर उसकी गतिविधियों और भागने के रास्ते की जांच की गई।
कुछ ही दूरी पर पुलिस के हाथ लगा आरोपी
लूट के बाद आरोपी ज्यादा दूर नहीं जा सका। बैंक कर्मचारियों और पुलिस की सक्रियता के चलते उसका पीछा किया गया और कुछ ही समय बाद उसे पकड़ लिया गया।गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से लूटी गई 4.53 लाख रुपये की पूरी रकम बरामद कर ली गई। इससे बैंक से लूटी गई नकदी वापस हासिल हो गई।
28 वर्षीय सूरज बोरकर के रूप में हुई पहचान
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान 28 वर्षीय सूरज बोरकर के रूप में हुई है। वह नागपुर ग्रामीण क्षेत्र के भिवापुर तहसील के तातोली का रहने वाला बताया गया है।अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि क्या उसने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
पहले से बनाई थी लूट की योजना?
जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने बैंक की पहले से रेकी की थी या नहीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसे बैंक में मौजूद नकदी और कर्मचारियों की गतिविधियों के बारे में पहले से कोई जानकारी थी या नहीं।CCTV फुटेज और आरोपी से पूछताछ के आधार पर वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
इस घटना ने बैंक शाखाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी ग्राहक बनकर बैंक के अंदर पहुंचा और अचानक कर्मचारियों पर हमला कर नकदी लेकर भाग गया।हालांकि इस मामले में पुलिस और बैंक कर्मचारियों की तत्परता के कारण आरोपी जल्द पकड़ा गया और पूरी रकम भी बरामद हो गई। अब जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाएगा कि वारदात की पूरी योजना कैसे तैयार की गई थी।
