दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को कारोबारी सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंकों से अधिक फिसल गया, जबकि निफ्टी 24,000 के स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला
बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव
सोमवार को कारोबार शुरू होने के साथ ही प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल रहा और शुरुआती कारोबार में कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स में 200 अंकों से अधिक की गिरावट ने बाजार की कमजोर शुरुआत का संकेत दिया।
वहीं, निफ्टी भी 24,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे आ गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक संकेत कमजोर रहने और विदेशी बाजारों में दबाव के कारण घरेलू बाजार में भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता
भारतीय शेयर बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी एक महत्वपूर्ण चिंता बनी हुई है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होने से देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है।
तेल की कीमतों में लगातार मजबूती से महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से निवेशक कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं।
एशियाई बाजारों की कमजोरी का असर
भारतीय बाजार पर एशियाई शेयर बाजारों के संकेतों का भी असर देखने को मिला। एशिया के कई प्रमुख बाजारों में कमजोरी के बीच घरेलू निवेशकों का भरोसा भी प्रभावित हुआ। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों, आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशक फिलहाल सावधानी बरत रहे हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी पर निवेशकों की नजर
सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार की शुरुआती गिरावट के बाद अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार दिनभर में किस दिशा में आगे बढ़ता है। 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि बिकवाली का दबाव जारी रहता है तो बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है, जबकि खरीदारी लौटने पर सूचकांकों में रिकवरी की संभावना बनी रहेगी।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर रखने की जरूरत है। सोमवार की शुरुआत ने फिलहाल बाजार में सावधानी का माहौल जरूर बना दिया है।
