मैनचेस्टर सिटी का बड़ा दांव, 18 वर्षीय अयूब बोआद्दी बने सबसे महंगे किशोर फुटबॉलर; नेमार का रिकॉर्ड भी टूटा
फुटबॉल की दुनिया में मैनचेस्टर सिटी ने एक बार फिर अपने बड़े ट्रांसफर से सबका ध्यान खींचा है। इंग्लिश क्लब ने फ्रांस के क्लब लील से 18 वर्षीय मोरक्को के मिडफील्डर अयूब बोआद्दी को अपने साथ जोड़ लिया है। यह ट्रांसफर करीब 100 मिलियन यूरो यानी भारतीय मुद्रा में 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा का बताया जा रहा है। इस डील के साथ बोआद्दी प्रीमियर लीग इतिहास के सबसे महंगे किशोर खिलाड़ी बन गए हैं।
पांच साल के करार पर सिटी में शामिल हुए बोआद्दी
मैनचेस्टर सिटी ने आधिकारिक तौर पर बोआद्दी के साथ पांच साल के अनुबंध की पुष्टि की है। उनका करार 2031 तक रहेगा। क्लब के मुताबिक, युवा मिडफील्डर को टीम में शामिल करने के पीछे उनकी प्रतिभा, फुटबॉल समझ और भविष्य की क्षमता अहम वजह रही है। बोआद्दी सिटी में 32 नंबर की जर्सी पहनेंगे, जो उन्होंने लील में भी पहनी थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रांसफर की शुरुआती रकम करीब 95 मिलियन यूरो है, जबकि प्रदर्शन से जुड़े बोनस के तौर पर 5 मिलियन यूरो अतिरिक्त मिल सकते हैं। ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक कुल पैकेज करीब 100 मिलियन यूरो तक पहुंच सकता है।
नेमार का रिकॉर्ड भी पीछे छूटा
बोआद्दी के ट्रांसफर ने फ्रांस की लीग से जुड़े एक बड़े रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले नेमार के पेरिस सेंट-जर्मेन से सऊदी क्लब अल-हिलाल जाने का करीब 90 मिलियन यूरो का ट्रांसफर फ्रेंच लीग से सबसे बड़ी बिक्री में शामिल था। बोआद्दी की करीब 100 मिलियन यूरो की डील ने इस आंकड़े को पार कर दिया है।
इसके अलावा वह प्रीमियर लीग के इतिहास में सबसे महंगे किशोर खिलाड़ी भी बन गए हैं। उन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए 2024 में लील से ही जुड़े लेनी योरो का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। योरो का सौदा करीब 58.9 मिलियन पाउंड का था, जबकि बोआद्दी का ट्रांसफर लगभग 86 मिलियन पाउंड तक पहुंच रहा है।
कौन हैं अयूब बोआद्दी?
बोआद्दी ने बेहद कम उम्र में पेशेवर फुटबॉल में अपनी पहचान बना ली थी। उन्होंने लील के लिए महज 16 साल की उम्र में सीनियर डेब्यू किया था। वह क्लब के सबसे कम उम्र में खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया और यूरोपीय प्रतियोगिताओं में भी अनुभव हासिल किया। मैनचेस्टर सिटी के अनुसार, लील के लिए वह कुल 96 मुकाबले खेल चुके हैं।
बोआद्दी की खासियत उनकी तकनीकी क्षमता, दबाव में शांत रहने की क्षमता और मैदान पर फैसले लेने की समझ मानी जाती है। कम उम्र के बावजूद उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में अपनी क्षमता दिखाई है।
2026 वर्ल्ड कप में भी दिखा जलवा
बोआद्दी का कद 2026 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान और बढ़ा। मोरक्को की टीम ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया और बोआद्दी ने टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मोरक्को के छह में से पांच मुकाबलों में शुरुआत की।
विश्व कप में उनके प्रदर्शन के बाद यूरोप के कई बड़े क्लबों की नजर उन पर थी। आखिरकार मैनचेस्टर सिटी ने उन्हें अपने भविष्य की टीम का हिस्सा बनाने में सफलता हासिल की।
रोड्री के बाद मिडफील्ड को मजबूत करने की कोशिश
सिटी के लिए यह ट्रांसफर सिर्फ युवा खिलाड़ी पर निवेश नहीं है, बल्कि टीम के मिडफील्ड को दोबारा तैयार करने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। क्लब के मिडफील्ड में कई बड़े बदलाव हुए हैं और बोआद्दी को भविष्य में अहम भूमिका निभाने वाला खिलाड़ी माना जा रहा है। हालांकि मैनेजर एंजो मारेस्का ने साफ संकेत दिया है कि 18 वर्षीय खिलाड़ी को तुरंत बड़ी जिम्मेदारी देने के बजाय धीरे-धीरे टीम में ढालना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, अयूब बोआद्दी का मैनचेस्टर सिटी में जाना उनके करियर का सबसे बड़ा कदम है। इतनी कम उम्र में 100 मिलियन यूरो के आसपास की डील उनके ऊपर भारी उम्मीदें भी लगाएगी। अब देखना होगा कि यह युवा मोरक्कन मिडफील्डर सिटी की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और आने वाले वर्षों में विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह बना पाता है या नहीं।
