इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी टेस्ट में पाकिस्तान की टीम एक बार फिर बुरी तरह लड़खड़ा गई। टीम में बड़े बदलाव करने और नए खिलाड़ियों को मौका देने के बावजूद पाकिस्तान की बल्लेबाजी में कोई खास सुधार नजर नहीं आया। एजबेस्टन में खेले जा रहे मुकाबले में पाकिस्तान की पहली पारी महज 133 रन पर सिमट गई।
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उसके गेंदबाजों ने शुरुआत से ही पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। पाकिस्तान का शीर्ष क्रम इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाया और लगातार विकेट गिरते चले गए। एक समय टीम का स्कोर पांच विकेट पर 48 रन हो गया था, जिसके बाद स्थिति और भी खराब होती चली गई।
सबसे ज्यादा नजर बाबर आजम पर थी, लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। बाबर सिर्फ 7 रन बनाकर जोश टंग की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। उनके आउट होने से पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ गईं। बाबर से टीम को बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सके।
पाकिस्तान की तरफ से सऊद शकील ने सबसे ज्यादा संघर्ष किया। उन्होंने 43 रन की पारी खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें लगातार विकेट गिरने के कारण पर्याप्त साथ नहीं मिल सका। निचले क्रम में मोहम्मद अब्बास ने भी 21 रन बनाकर टीम के स्कोर को कुछ आगे बढ़ाया, लेकिन पाकिस्तान 150 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका।
इस मुकाबले से पहले पाकिस्तान ने अपनी टीम में कई बड़े बदलाव किए थे। तीन खिलाड़ियों को टेस्ट डेब्यू का मौका दिया गया, जबकि टीम में अन्य बदलाव भी किए गए। इसके बावजूद मैदान पर पाकिस्तान की पुरानी बल्लेबाजी की समस्या दोबारा सामने आ गई। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए पाकिस्तानी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया
तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान पहले ही 2-0 से पीछे है। शुरुआती दोनों मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान के पास सीरीज का अंत जीत के साथ करने का मौका था, लेकिन पहली पारी में 133 रन पर ऑलआउट होने के बाद टीम की स्थिति फिर मुश्किल हो गई है।
पाकिस्तान के गेंदबाजों के सामने अब बड़ी चुनौती है। उन्हें इंग्लैंड को कम से कम स्कोर पर रोकना होगा, तभी टीम मुकाबले में वापसी की उम्मीद कर सकती है। फिलहाल टीम में बदलाव के बावजूद प्रदर्शन में सुधार नहीं आने से पाकिस्तान के लिए यह दौरा लगातार निराशाजनक साबित हो रहा है।
