Saturday, September 12, 2026
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यूपी के युवाओं के लिए बड़ा डिजिटल तोहफा, 25 लाख टैबलेट बांटने को योगी कैबिनेट की मंजूरी

by Sagar Sharma
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उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने और पात्र युवाओं को मुफ्त वितरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल संसाधनों से जोड़ना और उन्हें शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है।

25 लाख युवाओं तक पहुंचेगा डिजिटल संसाधन

सरकार की योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदे जाएंगे। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने टेंडर प्रक्रिया में चयनित संस्थाओं को खरीद आदेश जारी करने की अनुमति भी दे दी है।

इस कदम से बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थियों और प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को डिजिटल डिवाइस उपलब्ध हो सकेगा, जिन्हें पढ़ाई और कौशल विकास के लिए तकनीक की जरूरत होती है।

किन युवाओं को मिलेगा लाभ?

योजना के तहत केवल सामान्य स्नातक छात्रों तक ही इसका लाभ सीमित नहीं रहेगा। स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, ITI, कौशल विकास और विभिन्न अन्य शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अध्ययनरत पात्र युवाओं को मुफ्त टैबलेट दिए जाएंगे। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों के साथ-साथ कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को भी इससे फायदा मिलेगा।

हालांकि, प्रत्येक लाभार्थी के लिए पात्रता और वितरण की प्रक्रिया संबंधित सरकारी विभागों द्वारा तय नियमों के अनुसार होगी। इसलिए युवाओं को आधिकारिक जानकारी और अपने शिक्षण संस्थान के माध्यम से अपडेट पर नजर रखनी होगी।

पढ़ाई से लेकर नौकरी तक मिलेगी डिजिटल मदद

सरकार का लक्ष्य केवल विद्यार्थियों को एक डिवाइस उपलब्ध कराना नहीं है। टैबलेट के जरिए युवा ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अन्य शैक्षणिक सामग्री का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे उन विद्यार्थियों को विशेष मदद मिल सकती है जो महंगे डिजिटल उपकरण खरीदने में सक्षम नहीं हैं।

इसके अलावा टैबलेट के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं, सरकारी योजनाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच आसान बनाने की योजना है। सरकार के अनुसार, डिजिटल संसाधनों की बेहतर उपलब्धता से प्रशिक्षण की गुणवत्ता और युवाओं की रोजगारपरक क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

पांच साल के लिए लागू है योजना

स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना को पांच वर्ष की अवधि के लिए लागू किया गया है। इसका व्यापक उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना और डिजिटल संसाधनों तक उनकी पहुंच बढ़ाना है। इससे शिक्षा और कौशल विकास के साथ-साथ रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप युवाओं को तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार पहले भी इसी योजना के तहत युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट उपलब्ध कराती रही है। आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार योजना के तहत पहले ही 60 लाख स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित कर चुकी है।

डिजिटल डिवाइड कम करने पर जोर

आज शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल प्रशिक्षण और नौकरी से जुड़ी कई सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ऐसे में डिजिटल डिवाइस तक पहुंच युवाओं के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। सरकार का मानना है कि मुफ्त टैबलेट उपलब्ध कराने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को भी ऑनलाइन संसाधनों का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।

यह पहल खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें ऑनलाइन कक्षाओं, डिजिटल नोट्स, प्रशिक्षण सामग्री और सरकारी रोजगार पोर्टल जैसी सेवाओं का नियमित इस्तेमाल करना पड़ता है।

रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की कोशिश

सरकार के मुताबिक डिजिटल रूप से सक्षम युवा रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं। टैबलेट का इस्तेमाल ऑनलाइन प्रशिक्षण, स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल सेवाओं और नौकरी से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि इससे युवाओं की तकनीकी क्षमता और workforce readiness को बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर, 25 लाख टैबलेट खरीदने का फैसला उत्तर प्रदेश में युवाओं को डिजिटल शिक्षा और तकनीकी संसाधनों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि टैबलेट का वितरण कब शुरू होता है और पात्र युवाओं तक इसका लाभ किस प्रक्रिया के तहत पहुंचाया जाता है।

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