विदेश यात्रा करने वाले हवाई यात्रियों के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। 1 सितंबर 2026 से भारत के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन काउंटर पर फिजिकल बोर्डिंग पास दिखाने और उस पर मुहर लगवाने की अनिवार्यता खत्म कर दी जाएगी। अब यात्री अपने मोबाइल फोन में मौजूद ई-बोर्डिंग पास दिखाकर इमिग्रेशन क्लीयरेंस हासिल कर सकेंगे। यह फैसला ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BOI) ने यात्रियों की सुविधा और एयरपोर्ट पर प्रक्रिया को अधिक आसान बनाने के उद्देश्य से लिया है।
अब मोबाइल में बोर्डिंग पास दिखाना होगा
नई व्यवस्था के तहत विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर जरूरी नहीं होगा कि वे कागज वाला बोर्डिंग पास लेकर जाएं। अगर एयरलाइन ने मोबाइल पर ई-बोर्डिंग पास उपलब्ध कराया है, तो यात्री उसे अपने फोन की स्क्रीन पर दिखाकर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
इस बदलाव से खासतौर पर उन यात्रियों को फायदा होगा जो पहले से ही डिजिटल बोर्डिंग पास का इस्तेमाल करते हैं। इससे कागजी दस्तावेज संभालने की जरूरत कम होगी और एयरपोर्ट पर एक अतिरिक्त प्रक्रिया भी हट जाएगी।
फिजिकल बोर्डिंग पास पूरी तरह बंद नहीं होगा
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि प्रिंटेड बोर्डिंग पास रखना गैरकानूनी या अमान्य हो जाएगा। जिन यात्रियों को कागज वाला बोर्डिंग पास रखना सुविधाजनक लगता है, वे इसे लेकर यात्रा कर सकते हैं। इमिग्रेशन काउंटर पर फिजिकल बोर्डिंग पास स्वीकार किया जाएगा, लेकिन उस पर अब इमिग्रेशन अधिकारी की मुहर नहीं लगेगी।
इसलिए यात्रियों के पास डिजिटल और प्रिंटेड बोर्डिंग पास, दोनों में से अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प रहेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के मुताबिक, बोर्डिंग पास पर फिजिकल स्टांपिंग की प्रक्रिया यात्रियों के लिए कई बार परेशानी का कारण बन रही थी। इमिग्रेशन काउंटर पर मुहर लगवाने में अतिरिक्त समय लगता था और कई बार गलत या अस्पष्ट स्टांप के कारण बोर्डिंग पास की जानकारी पढ़ने में भी दिक्कत आती थी।
ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। इसी वजह से इस प्रक्रिया की समीक्षा के बाद इसे खत्म करने का निर्णय लिया गया है।
सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लागू होगा नियम
यह नया नियम केवल किसी एक शहर या एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा। 1 सितंबर से देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास की अनिवार्य फिजिकल स्टांपिंग समाप्त होगी। एयरपोर्ट ऑपरेटरों, एयरलाइंस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को नई व्यवस्था के बारे में कर्मचारियों और यात्रियों को जानकारी देने के लिए कहा गया है।
इससे दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता समेत देश के अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से विदेश जाने वाले यात्रियों को फायदा मिलेगा।
पासपोर्ट पर लगने वाली मुहर से अलग है यह बदलाव
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। 1 सितंबर से खत्म होने वाली स्टांपिंग बोर्डिंग पास पर लगने वाली मुहर है, पासपोर्ट पर इमिग्रेशन एंट्री-एग्जिट स्टांप नहीं। भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए पासपोर्ट की एंट्री और एग्जिट स्टांपिंग को खत्म करने की दिशा में एक अलग पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। उसके सफल होने के बाद भविष्य में इस प्रक्रिया में भी बदलाव हो सकता है।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर मोबाइल में ई-बोर्डिंग पास खोलकर दिखाना होगा। फोन की बैटरी पर्याप्त रखना और बोर्डिंग पास को पहले से डाउनलोड कर लेना व्यावहारिक रूप से बेहतर रहेगा, ताकि एयरपोर्ट पर नेटवर्क की समस्या होने पर भी यात्री उसे दिखा सकें।
सरकार की ओर से एयरपोर्ट प्रक्रियाओं को डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। जुलाई 2026 में सरकार ने भी प्रमुख एयरपोर्टों पर यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने और फास्ट-ट्रैक इमिग्रेशन जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया था।
कुल मिलाकर, 1 सितंबर से लागू होने वाला यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एयरपोर्ट प्रक्रिया को थोड़ा आसान बनाने वाला है। अब बोर्डिंग पास पर मुहर लगवाने की चिंता किए बिना यात्री डिजिटल तरीके से इमिग्रेशन क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
