भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला कोलंबो में खेला जाना है। गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर टीम इंडिया सीरीज में 1-0 से आगे है। अब उसकी नजर सीरीज अपने नाम करने पर है। इसी बीच सबसे बड़ा सवाल टीम की प्लेइंग-11 को लेकर है। क्या भारत किसी बदलाव के साथ उतरेगा और क्या मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को टेस्ट डेब्यू का मौका मिलेगा?
सारांश जैन के डेब्यू की बढ़ी उम्मीद
सारांश जैन को चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह भारतीय टेस्ट स्क्वॉड में शामिल किया गया था। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले जैन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शुरुआत के करीब हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कोलंबो टेस्ट में उन्हें प्लेइंग-11 में शामिल किए जाने की मजबूत संभावना है।
33 वर्षीय जैन ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी में मध्य प्रदेश के लिए 518 रन बनाए और 30 विकेट हासिल किए। इससे पहले दलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में 16 विकेट लिए थे। श्रीलंका ए के खिलाफ भारत ए की अनौपचारिक टेस्ट सीरीज में भी उन्होंने सात विकेट झटके थे।
कुलदीप यादव की जगह पर संकट
अगर सारांश जैन को मौका मिलता है तो सबसे ज्यादा संभावना कुलदीप यादव के बाहर होने की है। गॉल टेस्ट में कुलदीप उम्मीद के मुताबिक प्रभाव नहीं छोड़ सके थे। उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर केवल एक विकेट लिया और कुल 103 रन खर्च किए। दूसरी ओर मैनव सुथार ने 10 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि रवींद्र जडेजा ने भी अहम योगदान दिया।
हालांकि कुलदीप को बाहर करना इतना आसान फैसला नहीं होगा। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभवी गेंदबाज हैं और उनकी कलाई की स्पिन किसी भी पिच पर मैच का रुख बदल सकती है। भारतीय स्पिन गेंदबाजी कोच सैराज बहुतुले ने भी खराब एक मैच के आधार पर कुलदीप को लेकर घबराने से इनकार किया है और उन्हें टीम की योजनाओं का हिस्सा बताया है।
एक बदलाव या टीम वही?
भारत के सामने सबसे बड़ा विकल्प यही है कि विजयी संयोजन को बरकरार रखा जाए या परिस्थितियों के अनुसार बदलाव किया जाए। गॉल में मिली बड़ी जीत के बाद टीम मैनेजमेंट के लिए बदलाव का फैसला आसान नहीं होगा। लेकिन अगर कोलंबो की परिस्थितियां अलग नजर आती हैं और टीम को ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर की जरूरत महसूस होती है, तो जैन को मौका मिल सकता है।
सारांश जैन का चयन केवल गेंदबाजी के आधार पर नहीं होगा। वह बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकते हैं, जिससे टीम के निचले क्रम को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है। यही पहलू उन्हें कुलदीप से अलग विकल्प बनाता है।
बल्लेबाजी में बड़े बदलाव की संभावना कम
पहले टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजी ने कुल मिलाकर मजबूत प्रदर्शन किया था। देवदत्त पडिक्कल ने अपना पहला टेस्ट शतक लगाया, जबकि केएल राहुल ने 82 रन की पारी खेली। ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल ने भी उपयोगी योगदान दिया।
ऐसे में बल्लेबाजी क्रम में बड़े बदलाव की संभावना कम दिखाई देती है। कप्तान शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल से दूसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। टीम 2-0 से सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी, इसलिए स्थिर बल्लेबाजी क्रम को बनाए रखना टीम मैनेजमेंट की प्राथमिकता हो सकती है।
गेंदबाजी में हो सकता है सबसे बड़ा फैसला
भारतीय टीम की असली चयन चुनौती स्पिन विभाग में है। मैनव सुथार ने पहले टेस्ट में 10 विकेट लेकर अपनी जगह मजबूत कर ली है। जडेजा भी टीम के प्रमुख ऑलराउंडर हैं। ऐसे में तीसरे स्पिनर के स्थान के लिए कुलदीप और सारांश के बीच मुकाबला बन गया है।
अगर टीम मैनेजमेंट घरेलू क्रिकेट के शानदार फॉर्म और अतिरिक्त बल्लेबाजी क्षमता को प्राथमिकता देता है तो सारांश जैन का डेब्यू संभव है। वहीं अगर अनुभव को तरजीह दी जाती है तो कुलदीप यादव को एक और मौका मिल सकता है।
संभावित प्लेइंग-11
भारत की संभावित टीम में शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन/देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, मैनव सुथार, सारांश जैन/कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज/प्रसिद्ध कृष्णा जैसे विकल्प हो सकते हैं। अंतिम फैसला पिच, परिस्थितियों और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर निर्भर करेगा।
फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा सारांश जैन के डेब्यू और कुलदीप यादव की जगह को लेकर है। अगर जैन को मौका मिलता है तो यह उनके लिए घरेलू क्रिकेट में वर्षों की मेहनत का बड़ा पुरस्कार होगा। वहीं भारत के लिए यह बदलाव सीरीज को 2-0 से जीतने की रणनीति का अहम हिस्सा साबित हो सकता है।
