भारत और मॉरिशस के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर एक अहम समझौता हुआ है। भारत अब मॉरिशस को लंबे समय तक पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल जैसे रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई करेगा। मॉरिशस सरकार के मुताबिक, यह समझौता पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति में पैदा हो रही अनिश्चितता के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करेगा। यह करार केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी की मॉरिशस यात्रा के दौरान हुआ। इसके तहत भारत और मॉरिशस के बीच तेल-गैस सहयोग के लिए सरकार-से-सरकार MoU और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ खरीद-बिक्री समझौता शामिल है।
पेट्रोलियम उत्पादों की होगी लंबे समय तक सप्लाई
भारत और मॉरिशस के बीच हुए समझौते में पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल यानी विमान ईंधन की आपूर्ति शामिल है। दोनों देशों ने समझौते के तहत कितनी मात्रा में ईंधन की सप्लाई होगी, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। इसके अलावा कमर्शियल और फाइनेंशियल शर्तों का भी खुलासा नहीं किया गया है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि मॉरिशस दक्षिण एशिया के बाहर पहला ऐसा देश है, जिसने किसी भारतीय सरकारी तेल कंपनी के साथ इस तरह का समझौता किया है। यह व्यवस्था दोनों देशों के बीच इस साल की शुरुआत में हुई बातचीत का नतीजा है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच बढ़ी डील की अहमियत
इस समझौते का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल की आवाजाही और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।
अप्रैल में मॉरिशस दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कहा था कि भारत मॉरिशस की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार-से-सरकार समझौते पर काम कर रहा है। अब यह प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
रिन्यूएबल एनर्जी में भी बढ़ रहा सहयोग
भारत और मॉरिशस का सहयोग सिर्फ पेट्रोलियम तक सीमित नहीं है। दोनों देश सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में भी साथ काम कर रहे हैं। मॉरिशस के हेनरिएटा में 8 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट जैसी पहल इसी सहयोग का हिस्सा है।
भारत की एक सरकारी कंपनी मॉरिशस में फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही है। दोनों देश इंटरनेशनल सोलर अलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस के जरिए भी ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं।
रणनीतिक साझेदारी को मिल रही नई मजबूती
भारत और मॉरिशस के रिश्ते पिछले कुछ समय में तेजी से मजबूत हुए हैं। मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉरिशस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को “एनहांस्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक पहुंचाया था।
इसके बाद समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। मॉरिशस को टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन के लिए ई-बसों के क्षेत्र में भी भारत से सहयोग मिल रहा है। ऐसे में नई फ्यूल डील दोनों देशों के मजबूत होते रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों की एक और अहम कड़ी मानी जा रही है।
