भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को फर्टिलाइजर कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। व्यापक बाजार में खास तेजी नहीं होने के बावजूद खाद बनाने वाली कई कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल आया। इस तेजी की मुख्य वजह रूस की ओर से भारत को फर्टिलाइजर्स की निर्बाध और बढ़ी हुई सप्लाई का भरोसा दिया जाना माना जा रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए फर्टिलाइजर सप्लाई बढ़ाने की बात कही।
रूस के बयान के बाद बाजार में बढ़ा भरोसा
सोमवार को मॉस्को में एस. जयशंकर और व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बातचीत के दौरान फर्टिलाइजर सप्लाई भी महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल रही। पुतिन ने कहा कि रूस भारत के कृषि क्षेत्र के लिए फर्टिलाइजर निर्यात बढ़ा रहा है और आगे भी ऐसा करने के लिए तैयार है। इस बयान को भारतीय खाद कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत माना गया।
भारत अपनी कृषि जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में फर्टिलाइजर का आयात करता है। ऐसे में रूस से सप्लाई को लेकर स्पष्टता मिलने से निवेशकों को आशंका कम होती दिखाई दी। खासकर मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में सप्लाई चेन को लेकर बनी चिंता के बीच यह खबर बाजार के लिए राहत देने वाली रही।
FACT के शेयर में सबसे तेज उछाल
मंगलवार के कारोबार में Fertilisers and Chemicals Travancore (FACT) के शेयर ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। शेयर में इंट्राडे कारोबार के दौरान 14 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई और यह करीब ₹894 के स्तर तक पहुंच गया। कुछ बाजार रिपोर्टों में शुरुआती कारोबार में इसमें करीब 13 फीसदी की तेजी भी दर्ज की गई थी।
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, FACT के शेयर में दिन के दौरान करीब 17 फीसदी तक उछाल देखने को मिला और यह ₹918.75 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा। यानी अलग-अलग कारोबारी समय पर शेयर में तेजी का स्तर अलग रहा।
इन कंपनियों के शेयर भी चमके
रूस की घोषणा का असर सिर्फ FACT तक सीमित नहीं रहा। Madras Fertilizers के शेयर में भी तेज खरीदारी हुई और यह करीब 10.7 फीसदी तक चढ़ा। वहीं Rashtriya Chemicals and Fertilizers (RCF) में करीब 7.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। Paradeep Phosphates और National Fertilizers के शेयर भी लगभग 7 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
इसके अलावा बाजार में अन्य फर्टिलाइजर और एग्री-केमिकल कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखा गया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने रूस से मिलने वाली स्थिर सप्लाई को पूरे सेक्टर के लिए सकारात्मक माना।
भारत के लिए क्यों अहम है रूस से फर्टिलाइजर सप्लाई?
भारत दुनिया के बड़े कृषि उत्पादक देशों में शामिल है और किसानों के लिए यूरिया तथा अन्य उर्वरकों की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। रूस लंबे समय से भारत के प्रमुख फर्टिलाइजर सप्लायर्स में शामिल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में भारत ने रूस से करीब 65 लाख टन फर्टिलाइजर आयात किया, जो एक साल पहले की तुलना में 41 फीसदी अधिक था।
इसलिए रूस की ओर से सप्लाई बढ़ाने का संकेत भारत के लिए महत्वपूर्ण है। पर्याप्त उपलब्धता से कृषि क्षेत्र में सप्लाई को लेकर दबाव कम हो सकता है और कंपनियों के लिए कच्चे माल तथा तैयार उत्पाद की उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद बनती है।
भू-राजनीतिक तनाव के बीच राहत
फर्टिलाइजर बाजार पर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई व्यवधान का असर पड़ सकता है। ऐसे माहौल में रूस की ओर से भारत को लगातार आपूर्ति का भरोसा मिलने से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है। भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी फर्टिलाइजर एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर सामने आया है।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
फर्टिलाइजर शेयरों में आई तेजी निवेशकों के लिए आकर्षक जरूर दिखाई दे सकती है, लेकिन सिर्फ एक खबर के आधार पर किसी शेयर में निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता। कंपनियों के तिमाही नतीजे, कर्ज, सरकारी सब्सिडी, कच्चे माल की कीमत, वैल्यूएशन और भविष्य की मांग जैसे कारकों का भी आकलन जरूरी है।
रूस से फर्टिलाइजर सप्लाई बढ़ने की खबर ने फिलहाल सेक्टर की धारणा को मजबूत किया है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या बढ़ी हुई सप्लाई वास्तव में आयात आंकड़ों और कंपनियों के कारोबार में दिखाई देती है। फिलहाल रूस के आश्वासन ने भारतीय फर्टिलाइजर शेयरों को बाजार में जरूर नई ऊर्जा दे दी है।
