दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा सुविधाजनक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार ने कई बड़े कदम उठाने की तैयारी की है। राजधानी में 200 नई जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इसके साथ दिल्ली से करनाल के बीच इंटर-स्टेट इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होगी। महिलाओं और छात्राओं की सुविधा के लिए 56 विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवाएं भी संचालित की जाएंगी। वहीं, राजघाट डिपो-I में हाई-कैपेसिटी पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन शुरू किया गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य दिल्ली में प्रदूषण कम करने के साथ यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
200 नई इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ेगा बेड़ा
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बेड़े में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने के बाद राजधानी में कुल बसों की संख्या करीब 6,800 हो जाएगी। इनमें 4,938 इलेक्ट्रिक और 1,750 CNG बसें शामिल होंगी। नए बेड़े में 12 मीटर लंबी 88 बसें और 9 मीटर लंबी 112 बसें होंगी।
ये लो-फ्लोर और एयर कंडीशन बसें CCTV, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांग यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं से लैस होंगी। सरकार की योजना वित्त वर्ष 2028-29 तक दिल्ली में बसों की संख्या करीब 14,000 करने की है।
दिल्ली-करनाल के बीच शुरू होगी ई-बस सेवा
DTC दिल्ली और करनाल के बीच पांच पूरी तरह इलेक्ट्रिक AC बसें चलाएगा। करीब 133 किलोमीटर लंबे इस रूट पर दोनों दिशाओं में रोजाना कुल 10 ट्रिप संचालित की जाएंगी। बस सेवा कश्मीरी गेट स्थित महाराणा प्रताप ISBT को करनाल से जोड़ेगी।
रूट में सिंघू बॉर्डर, राय, भालगढ़, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंदा और मधुबन जैसे प्रमुख स्थान शामिल होंगे। इससे दिल्ली और हरियाणा के बीच साफ-सुथरी और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
महिलाओं के लिए 56 स्पेशल इलेक्ट्रिक बसें
महिलाओं और छात्राओं की यात्रा को आसान बनाने के लिए 56 विशेष ई-बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इनमें 15 रूट पर ‘लेडीज स्पेशल’ की 30 ट्रिप और 13 रूट पर ‘यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल’ की 26 ट्रिप शामिल हैं।
इन बसों से नेहरू प्लेस, AIIMS, कनॉट प्लेस, ITO, करोल बाग, कश्मीरी गेट और अन्य प्रमुख इलाकों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यूनिवर्सिटी स्पेशल बसें हिंदू कॉलेज, रामजस, LSR, गार्गी कॉलेज, हंसराज कॉलेज समेत कई संस्थानों को जोड़ेंगी।
राजघाट में EV चार्जिंग स्टेशन
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए राजघाट डिपो-I में 240 kW क्षमता वाले चार EV चार्जर लगाए गए हैं। ये कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों और कारों दोनों को चार्ज कर सकेंगे। बिजली की बेहतर आपूर्ति के लिए 1600 KVA का सब-स्टेशन भी लगाया गया है।
करीब 5.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्टेशन दिल्ली के EV इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा। सरकार का लक्ष्य बसों की संख्या बढ़ाने के साथ ऐसा सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क तैयार करना है, जो साफ, सुरक्षित, आरामदायक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो।
