Sunday, September 13, 2026
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Home देशएक घंटे में 1,754 खातों में भेजता था साइबर फ्रॉड का पैसा, क्रिप्टो के जरिए चीन तक कैसे पहुंचाता था आरोपी?

एक घंटे में 1,754 खातों में भेजता था साइबर फ्रॉड का पैसा, क्रिप्टो के जरिए चीन तक कैसे पहुंचाता था आरोपी?

by Sagar Sharma
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गुजरात CID ने असम से 25 वर्षीय रफीकुल आलम को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी देशभर में हुए 1,090 साइबर अपराधों से जुड़ा था, जिनमें डिजिटल अरेस्ट जैसे मामले भी शामिल हैं. इन मामलों में करीब 1,071.5 करोड़ रुपये की रकम का लेन-देन सामने आया है. जांच में पता चला कि साइबर ठगी से मिले पैसे को आरोपी छोटी-छोटी रकम में बांटकर एक घंटे के भीतर देशभर के 1,754 बैंक खातों में ट्रांसफर करता था. इसके बाद रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीन में मौजूद साइबर अपराधियों तक पहुंचाया जाता था. उसके मोबाइल से 23 क्रिप्टो वॉलेट भी मिले हैं.

चीन में बैठे साइबर अपराधियों से संपर्क

गुजरात CID के साइबर सेल के मुताबिक, रफीकुल आलम असम के बारपेटा में रहकर कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के लिए काम कर रहा था. वह WhatsApp और Telegram के जरिए चीन में मौजूद अपराधियों के संपर्क में था. इन माध्यमों से वह बैंक खातों, यूजर आईडी, पासवर्ड, क्रिप्टो वॉलेट और साइबर अपराध से जुड़ी अन्य जानकारी साझा करता था.

CID की टीम ने तकनीकी जांच और पीड़ितों के बयानों के आधार पर आरोपी की पहचान की. इसके बाद टीम ने बारपेटा में उसके घर की करीब तीन दिन तक निगरानी की. पुलिस ने उसे उसके तकनीकी उपकरणों के साथ गिरफ्तार किया.

23 क्रिप्टो वॉलेट में मिला 16 करोड़ का लेन-देन

जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से 23 क्रिप्टो वॉलेट मिले. पुलिस के अनुसार, इन वॉलेट के जरिए करीब 16 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था. इससे साइबर ठगी की रकम और चीन में सक्रिय गिरोह के बीच कथित संबंध का पता चला. पुलिस को क्रिप्टोकरेंसी की अवैध ट्रेडिंग के संकेत भी मिले हैं. इसमें ‘चिप सेलर’ ऐप के इस्तेमाल की बात सामने आई है.

1,090 मामलों में 1,071.5 करोड़ की रकम

गुजरात पुलिस के मुताबिक, आरोपी का संबंध देशभर के 1,090 साइबर अपराधों से सामने आया है. इन मामलों में करीब 1,071.5 करोड़ रुपये की रकम शामिल है. पुलिस का आरोप है कि डिजिटल अरेस्ट और दूसरे साइबर फ्रॉड से हासिल पैसे को आरोपी कई बैंक खातों में भेजता था.

जांच के अनुसार, रकम को एक साथ ट्रांसफर करने के बजाय छोटे हिस्सों में बांटा जाता था. करीब एक घंटे के भीतर 1,754 बैंक खातों में पैसा भेजने का तरीका अपनाया जाता था, ताकि वित्तीय निगरानी एजेंसियों की नजर से बचा जा सके.

पुलिस ने बताया कि आरोपी के मोबाइल में गेमिंग अकाउंट से जुड़े लेन-देन की जानकारी भी मिली है. CID अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और चीन में बैठे कथित अपराधियों की भूमिका की भी जांच कर रही है.

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