झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 23वें दिन छात्र नेता प्रेम नायक ने सरकार पर अभ्यर्थियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। वहीं, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की बिगड़ती सेहत को लेकर उन्होंने चिंता जताई है।
प्रेम नायक के मुताबिक, उनका विरोध प्रदर्शन 23वें दिन में पहुंच चुका है, जबकि भूख हड़ताल करते हुए 13 दिन हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से अब तक छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर पहल नहीं की गई है। उन्होंने अपनी स्वास्थ्य स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बुखार भी शुरू हो गया है और स्थिति गंभीर बनी हुई है।
स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद जारी है अनशन
छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा कि पिछले दिन से उन्हें बुखार है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपनी स्थिति को गंभीर बताते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही।
भूख हड़ताल के कारण आंदोलन में शामिल छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन कमजोर करने का लगाया आरोप
प्रेम नायक ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का भी जिक्र किया और दावा किया कि उन्हें आंदोलन स्थल से ले जाया गया है और वापस नहीं आने दिया जा रहा है।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस खबर में सामने नहीं आई है।
CM आवास घेराव पर क्या बोले प्रेम नायक?
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी छात्र नेता ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर छात्रों के बीच चर्चा चल रही है और अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
प्रेम नायक ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव के बजाय जेल भरो आंदोलन को एक बेहतर विकल्प बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों के पास आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए दूसरे विकल्पों पर भी विचार करने की जरूरत है।
उन्होंने स्कूल और कॉलेज बंद कराने को भी आंदोलन के संभावित विकल्पों में शामिल बताया। उनका कहना है कि सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और विवादित भर्ती परीक्षाओं को लेकर उचित कदम उठाना चाहिए।
20 अगस्त को बड़े प्रदर्शन की तैयारी
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारी JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा और JSSC-CGL समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में कथित अनियमितताओं की CBI जांच और संबंधित परीक्षाओं को रद्द करना शामिल है। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
फिलहाल रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है और 20 अगस्त को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।
