राजस्थान के झालावाड़ जिले में शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। हादसा पटला पीर दरगाह लिंक रोड पर उस समय हुआ, जब श्रद्धालु दरगाह से दर्शन कर लौटने के बाद सड़क किनारे खड़ी अपनी पिकअप गाड़ी में सामान रख रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और बेकाबू बस ने उन्हें टक्कर मार दी।
जानकारी के अनुसार, हादसा शनिवार रात करीब 8:30 बजे हुआ। दर्शन करने के बाद श्रद्धालु अपनी पिकअप के पास सामान व्यवस्थित कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही बस अचानक अनियंत्रित हो गई और वहां मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने घायलों की मदद शुरू की।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में भर्ती कराए गए घायलों में से हामिद मोहम्मद (25) ने रविवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। फिलहाल चार अन्य घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।
कोटा जिले के रहने वाले थे मृतक
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कोटा जिले के रामगंजमंडी निवासी रेहान (20), तालिब (30), अल्फ़ेज़ (25) और हामिद मोहम्मद (25) के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में मातम पसर गया। रविवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने चारों शव परिजनों को सौंप दिए।
ब्रेक फेल होने की आशंका
सरोला थानाधिकारी बुद्धाराम चौधरी ने बताया कि शुरुआती जांच में बस के ब्रेक फेल होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद ड्राइवर फरार
दुर्घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस आसपास के इलाकों में जानकारी जुटाने के साथ हादसे की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बस की रफ्तार कितनी थी और क्या वास्तव में तकनीकी खराबी के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा था।
