80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न के लिए तैयार है। देश और विदेश में रहने वाले भारतीय इस राष्ट्रीय पर्व को पूरे उत्साह और गर्व के साथ मनाने जा रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने देश की आजादी के संघर्ष, वर्तमान उपलब्धियों और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए की। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 का दिन भारतीय इतिहास में हमेशा विशेष रहेगा। इसी दिन भारत माता ने लंबे संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद गुलामी की बेड़ियों से मुक्ति पाई थी। आजाद भारत के नागरिकों ने इसके बाद देश की नियति को आकार देने की जिम्मेदारी संभाली।
तिरंगा हमारी आजादी का प्रतीक
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को देश की स्वतंत्रता, एकता और गौरव का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा देशवासियों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है और हर भारतीय इसे गर्व एवं सम्मान के साथ देखता है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि आजादी केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसके साथ देश के प्रति जिम्मेदारियां भी जुड़ी हुई हैं। नागरिकों को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्यराष्ट्रपति मुर्मू ने भारत के भविष्य को लेकर सरकार और देशवासियों
राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत के भविष्य को लेकर सरकार और देशवासियों के लक्ष्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
राष्ट्रपति के मुताबिक, भारत ने पिछले वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक, बुनियादी ढांचे और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में देश की उपलब्धियां इसकी बढ़ती क्षमता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना जरूरी है।
युवा शक्ति पर जताया भरोसा
राष्ट्रपति ने देश की युवा आबादी को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और नए विचारों के जरिए देश को नई दिशा दे रहे हैं। आने वाले वर्षों में विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल, नवाचार और मेहनत के जरिए देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि युवा शक्ति भारत को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
देश की सुरक्षा और जिम्मेदारी
राष्ट्रपति के संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए समर्पित जवानों और सुरक्षा बलों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है
राष्ट्रपति ने देशवासियों से एकता, अनुशासन और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मजबूत और विकसित भारत के निर्माण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
स्वतंत्रता के 80 साल, आगे का संकल्प
राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन आजादी के 80 वर्षों की यात्रा और आने वाले भारत की तस्वीर पर केंद्रित रहा। उन्होंने देशवासियों से स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों और संविधान के मूल्यों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तभी पूरा होगा, जब देश का प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति का संदेश देश की उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का रहा।
