Saturday, September 12, 2026
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Home देश80वां स्वतंत्रता दिवस: लाल किले पर 21 तोपों की सलामी की रिहर्सल, ‘युवा शक्ति’ रहेगा समारोह का केंद्र

80वां स्वतंत्रता दिवस: लाल किले पर 21 तोपों की सलामी की रिहर्सल, ‘युवा शक्ति’ रहेगा समारोह का केंद्र

by Sagar Sharma
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देश 80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न की तैयारियों में जुट गया है। 15 अगस्त को होने वाले मुख्य समारोह से पहले दिल्ली के लाल किले के आसपास सुरक्षा और कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में दंगल पार्क के पास भारतीय सेना के जवानों ने पारंपरिक 21 तोपों की सलामी का अभ्यास किया।

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम में देश की युवा शक्ति और Gen-Z को विशेष स्थान दिया गया है। कार्यक्रम में युवाओं की उपलब्धियों, उनके योगदान और भविष्य को लेकर उनकी उम्मीदों को सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में देश की प्रगति को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ भी खास

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह इसलिए भी खास है क्योंकि वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। समारोह में इस ऐतिहासिक गीत को विशेष महत्व दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और देशवासियों को संबोधित करेंगे।

टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष की उपलब्धियां होंगी प्रदर्शित

समारोह के दौरान भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति को भी दिखाया जाएगा। न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों को विजुअल्स के जरिए प्रदर्शित करने की तैयारी है। वहीं, निमंत्रण कार्ड में ‘सेवा तीर्थ’ को प्रमुखता दी गई है, जो जनसेवा और विकसित भारत के विजन को दर्शाता है

युवा अचीवर्स होंगे खास मेहमान

इस बार समारोह में युवा प्रतिभाओं पर खास फोकस रहेगा। इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमैटिक्स ओलंपियाड 2026 में पदक जीतने वाले 19 छात्रों को सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप फाउंडर्स, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के इंटर्न, पीएम कौशल विकास योजना के लाभार्थी, MY Bharat के वॉलंटियर्स और सरकारी योजनाओं से जुड़े अन्य युवा भी विशेष मेहमानों में शामिल होंगे।

झीलों के नाम पर होंगी सीटें

समारोह में बैठने की व्यवस्था में भी एक खास संदेश देने की कोशिश की गई है। इस बार अलग-अलग बैठने वाले क्षेत्रों का नाम देश की प्रमुख झीलों के नाम पर रखा जाएगा। इसके जरिए जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।

हर साल की तरह नेता प्रतिपक्ष को भी समारोह में आमंत्रित किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बैठने की व्यवस्था वरीयता क्रम के आधार पर की जाएगी।

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