सहारनपुर: कांवड़ यात्रा के दौरान भगवान शिव के प्रति आस्था और श्रद्धा की कई तस्वीरें सामने आ रही हैं, लेकिन यमुनानगर की रजनी की कहानी ने लोगों को भावुक कर दिया है। रजनी अपने कांवड़ के साथ अपने दिवंगत पति की तस्वीर लेकर हरिद्वार से जल लेने निकली हैं। उनके लिए यह यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि अपने जीवनसाथी की यादों को साथ लेकर चलने का एक भावनात्मक सफर भी है।
रजनी ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का जीवनयापन करती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति भगवान शिव के परम भक्त थे। दोनों पति-पत्नी साल में दो बार हरिद्वार आते थे और भोलेनाथ की भक्ति में समय बिताते थे। पति के निधन के बाद उनकी जिंदगी में एक बड़ा खालीपन आ गया, लेकिन शिव भक्ति से उनका रिश्ता और गहरा हो गया।
कांवड़ पर पति की तस्वीर, दिल में पुरानी यादें
इस बार रजनी ने अपनी कांवड़ को एक खास भाव दिया है। उन्होंने उस पर अपने दिवंगत पति की तस्वीर लगाई है। यात्रा के दौरान जब लोग उनकी कांवड़ देखते हैं तो उनकी कहानी जानकर भावुक हो जाते हैं। रजनी का कहना है कि वह अपने पति को आज भी अपने साथ महसूस करती हैं और इसी वजह से उनकी तस्वीर को कांवड़ का हिस्सा बनाया है।
रजनी करीब एक महीने का व्रत रखकर यह कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उनका संकल्प है कि जब तक शरीर साथ देगा, वह भोले बाबा के लिए कांवड़ लेकर आती रहेंगी। पिछले साल भी उन्होंने कांवड़ यात्रा की थी और इस बार उन्होंने अपने पति की याद को अपनी श्रद्धा के साथ जोड़ दिया।
‘अगले जन्म में वही पति मिलें’
रजनी की भगवान शिव से प्रार्थना भी बेहद भावुक है। वह चाहती हैं कि उनके पति जहां भी हों, हमेशा खुश रहें। साथ ही उनकी एक इच्छा है कि अगर अगले जन्म का कोई रिश्ता लिखा है तो उन्हें वही जीवनसाथी दोबारा मिले।
रजनी की यह यात्रा उन हजारों कांवड़ियों के बीच एक ऐसी कहानी बन गई है, जिसमें भक्ति के साथ प्रेम, विरह और जीवनसाथी की याद भी जुड़ी है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी रूट और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
