देश के कई राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब गंभीर संकट का रूप ले चुकी है। उत्तर प्रदेश, झारखंड, केरल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश, आकाशीय बिजली और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अलग-अलग हादसों में कई लोगों की जान चली गई है, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा है।
झारखंड में मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य घायल हुए हैं। सबसे अधिक गिरिडीह जिले में 9 लोगों की जान गई। इसके अलावा दुमका में 3 और लातेहार में 2 लोगों की मौत दर्ज की गई। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में भी बारिश से जुड़े हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें दो बच्चों की गड्ढे में डूबने से जान चली गई, जबकि एक 25 वर्षीय युवक की बिजली गिरने से मौत हो गई।
दक्षिण भारत में केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल है। 1 अगस्त से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी है और चार लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ और जलभराव की वजह से हजारों परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। राज्य सरकार के अनुसार, 18 हजार से अधिक लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है। पथनमथिट्टा, कोट्टायम और अलप्पुझा जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
वहीं, पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते कई जगह भूस्खलन हुआ है। इसके कारण 300 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें हिमाचल की करीब 160 सड़कें और उत्तराखंड की 100 से ज्यादा सड़कें शामिल हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड के देहरादून और बागेश्वर जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
