नई दिल्ली: NEET PG 2026 में शामिल होने वाले मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम बदलावों की घोषणा की है। इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पहले से अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। उम्मीदवारों को अब अपने घर के नजदीक परीक्षा केंद्र मिलने की संभावना बढ़ेगी, परीक्षा शहर की जानकारी पहले ही दे दी जाएगी और प्रत्येक प्रश्न हल करने के लिए अधिक समय भी मिलेगा। ये सभी बदलाव 30 अगस्त को होने वाली परीक्षा से पहले लागू किए जा रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को NEET PG 2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि परीक्षा का आयोजन पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और आधुनिक तकनीक के साथ किया जाए। उन्होंने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) और तकनीकी साझेदारों के साथ तैयारियों का जायजा लिया। इस वर्ष परीक्षा के लिए 2,73,183 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, जो पिछले साल की तुलना में 12.5 प्रतिशत से अधिक है।
सबसे बड़ा बदलाव परीक्षा केंद्र आवंटन प्रणाली में किया गया है। अब पहले आओ-पहले पाओ की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। उम्मीदवार आवेदन के दौरान तीन पसंदीदा राज्यों का चयन करेंगे, जिनमें उनका पत्राचार वाला राज्य पहली प्राथमिकता होगा। इससे अधिकतर अभ्यर्थियों को अपने निवास स्थान के आसपास ही परीक्षा केंद्र मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी तय किया है कि उम्मीदवारों को परीक्षा से करीब तीन सप्ताह पहले ही उनके परीक्षा शहर की जानकारी दे दी जाएगी। इससे यात्रा और ठहरने की तैयारी समय रहते की जा सकेगी और अंतिम समय की परेशानियों से राहत मिलेगी।
NBEMS ने परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया है। अब परीक्षा में 180 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिन्हें 210 मिनट में हल करना होगा। प्रश्नों की संख्या कम होने से अभ्यर्थियों को हर सवाल के लिए पहले से अधिक समय मिलेगा, जबकि परीक्षा की कुल अवधि पहले जैसी ही रहेगी।
इस वर्ष NEET PG फिर से एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे सभी उम्मीदवारों के लिए समान कठिनाई स्तर वाला प्रश्नपत्र सुनिश्चित होगा और मूल्यांकन अधिक निष्पक्ष होगा।
सुरक्षा व्यवस्था को भी पहले से कहीं अधिक मजबूत किया गया है। आवेदन से लेकर परीक्षा केंद्र तक आधार आधारित सत्यापन, बायोमेट्रिक और जरूरत पड़ने पर आइरिस स्कैन, मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन से सुरक्षित प्रश्नपत्र, सीसीटीवी निगरानी, सिग्नल जैमर, लाइव मॉनिटरिंग और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी जैसी व्यवस्थाएं लागू रहेंगी। परीक्षा देशभर के 340 शहरों में स्थित 1,300 से अधिक केंद्रों पर आयोजित होगी, जहां 60 हजार से ज्यादा कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
