Sunday, August 9, 2026
Sunday, August 9, 2026
Home बिजनेसकेंद्र ने राज्यों को जारी किए 1.09 लाख करोड़ रुपये, विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए अग्रिम टैक्स डिवोल्यूशन की किस्त

केंद्र ने राज्यों को जारी किए 1.09 लाख करोड़ रुपये, विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए अग्रिम टैक्स डिवोल्यूशन की किस्त

by Sagar Sharma
0 comments

केंद्र सरकार ने राज्यों को वित्तीय मजबूती देने के उद्देश्य से 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर हस्तांतरण (टैक्स डिवोल्यूशन) राशि जारी की है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह राशि 10 अगस्त को मिलने वाली नियमित मासिक किस्त से पहले अग्रिम रूप में दी गई है, ताकि राज्य सरकारें विकास परियोजनाओं और पूंजीगत खर्चों को तेजी से आगे बढ़ा सकें।मंत्रालय का कहना है कि इस अतिरिक्त फंड से राज्यों को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, जनकल्याण योजनाओं और अन्य विकास कार्यों पर खर्च करने में सुविधा मिलेगी। इससे आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।राज्यों के बीच सबसे बड़ा आवंटन उत्तर प्रदेश को मिला है, जिसे 19,208 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके बाद बिहार को 10,845 करोड़ रुपये और मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। वहीं पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।अन्य प्रमुख राज्यों में राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपये, ओडिशा को 4,819 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश को 4,597 करोड़ रुपये, कर्नाटक को 4,504 करोड़ रुपये और तमिलनाडु को 4,466 करोड़ रुपये मिले हैं।छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी उनके हिस्से की राशि प्रदान की गई है। इनमें सिक्किम को 365 करोड़ रुपये, गोवा को 398 करोड़ रुपये और नागालैंड को 524 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।टैक्स डिवोल्यूशन वह प्रक्रिया है, जिसके तहत केंद्र सरकार अपने कर संग्रह का एक निर्धारित हिस्सा राज्यों को हस्तांतरित करती है। इस हिस्सेदारी का निर्धारण वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर किया जाता है। राज्यों के लिए यह राशि बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे वे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं के साथ-साथ सामाजिक कल्याण योजनाओं पर खर्च करते हैं।वित्त मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगस्त महीने की नियमित मासिक टैक्स डिवोल्यूशन किस्त 10 अगस्त को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अलग से जारी की जाएगी। यानी राज्यों को अग्रिम किस्त के अलावा तय समय पर नियमित आवंटन भी मिलेगा, जिससे उनकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में अतिरिक्त सहायता मिलेगी।

You may also like