भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए फाइनल में जगह बना ली है। बुधवार, 4 नवंबर को मोहाली में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-1 के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने सातवीं बार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने का गौरव हासिल किया। अब भारतीय खिलाड़ियों की नजरें खिताब पर हैं, जहां गुरुवार, 5 नवंबर को उनका सामना जापान की टीम से होगा।
आठ गोल दागकर भारत ने दक्षिण कोरिया को किया पस्त
मोहाली के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल, तेज पासिंग और शानदार फिनिशिंग के दम पर दक्षिण कोरिया की रक्षापंक्ति को लगातार दबाव में रखा।
भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा ने चौथे और 13वें मिनट में दो गोल दागे। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने नौवें मिनट में गोल करके टीम की बढ़त मजबूत की। इसके बाद सुखजीत सिंह ने 21वें मिनट में गोल किया, जबकि दिलप्रीत सिंह ने 21वें और 25वें मिनट में लगातार दो गोल दागकर कोरियाई टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं।अंगद बीर सिंह ने 36वें मिनट में गोल करके भारत की बढ़त को और बड़ा कर दिया। मुकाबले के 54वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने आठवां गोल दागकर भारतीय टीम की शानदार जीत सुनिश्चित कर दी।
दक्षिण कोरिया की ओर से हान सांगजुन ने नौवें मिनट में एकमात्र गोल किया। हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों के आक्रामक प्रदर्शन के सामने कोरियाई टीम ज्यादा देर तक मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी।
पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही है भारतीय टीम
भारतीय टीम ने इस प्रतियोगिता में शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा है। लीग चरण में भारत ने अपने सभी पांच मुकाबले जीतकर 15 अंकों के साथ अंकतालिका में पहला स्थान हासिल किया था।भारत ने लीग चरण में कुल 34 गोल किए और केवल पांच गोल खाए। टीम ने अपने आखिरी लीग मुकाबले में भी दक्षिण कोरिया को 8-0 से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में एक बार फिर कोरिया को 8-1 से हराकर भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में टीम का आक्रमण और डिफेंस दोनों शानदार रहे हैं। खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल भारत की लगातार जीत का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।
जापान को हराकर खिताब बचाने उतरेगी टीम इंडिया
अब भारतीय टीम के सामने खिताब जीतने की आखिरी चुनौती जापान की होगी। जापान ने दूसरे सेमीफाइनल में मलेशिया को शूटआउट में 5-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं और मुकाबले का फैसला शूटआउट से हुआ।भारत और जापान के बीच फाइनल मुकाबला गुरुवार, 5 नवंबर को शाम 7 बजे मोहाली में खेला जाएगा। भारतीय टीम घरेलू मैदान पर अपने प्रशंसकों के सामने ट्रॉफी जीतने के इरादे से उतरेगी।
छठे खिताब पर होगी भारत की नजर
भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास की सबसे सफल टीमों में शामिल है। भारत अब तक 2011, 2016, 2018, 2023 और 2024 में पांच बार यह खिताब जीत चुका है। 2018 में भारत और पाकिस्तान संयुक्त विजेता रहे थे।
अब जापान के खिलाफ जीत भारतीय टीम को छठी बार चैंपियन बना सकती है। जिस तरह से टीम ने सेमीफाइनल में प्रदर्शन किया है, उससे प्रशंसकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। हालांकि, जापान को हल्के में लेना भारत के लिए आसान नहीं होगा। अब देखना होगा कि हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय खिलाड़ी फाइनल में कैसा प्रदर्शन करते हैं और देश को एक और हॉकी खिताब दिलाने में सफल होते हैं या नहीं।
