Wednesday, October 28, 2026
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एशियन पैरा गेम्स में प्रवीण कुमार का स्वर्णिम कमाल, नागोया में रिकॉर्ड तोड़ छलांग से बढ़ाया भारत का गौरव

by Sagar Sharma
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Asian Para Games 2026: जापान के नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीट प्रवीण कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। प्रवीण ने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इसी स्पर्धा में भारत के बंटी ने 1.92 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक अपने नाम किया। इस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में पहला और दूसरा स्थान हासिल कर देश का मान बढ़ाया।

नागोया में प्रवीण की ऐतिहासिक छलांग, स्वर्ण पर जमाया कब्जा

21 अक्टूबर 2026 को आयोजित पुरुषों की हाई जंप T44/64 स्पर्धा में प्रवीण कुमार ने शुरुआत से ही दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले 1.95 मीटर की ऊंचाई पार कर पिछले गेम्स रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद 2.00 मीटर की ऊंचाई पहली कोशिश में पार की और फिर 2.05 मीटर की छलांग लगाकर नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया।

उनका यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उन्होंने एशियन पैरा गेम्स में अपना खिताब बरकरार रखा। उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाजोव ने 1.86 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक हासिल किया।

बंटी ने भी दिखाया दम, भारत को मिला दोहरा पदक

इसी प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ी बंटी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 1.92 मीटर की ऊंचाई पार करके रजत पदक जीता। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।प्रवीण और बंटी की इस उपलब्धि ने भारतीय पैरा एथलेटिक्स की मजबूती को दर्शाया। एक ही स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक हासिल करना भारत के लिए बड़ी सफलता है। दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया।

टोक्यो से पेरिस तक चमक चुका है प्रवीण का सितारा

प्रवीण कुमार का सफर लगातार मेहनत, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति की मिसाल रहा है। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के गोविंदगढ़ गांव से आने वाले प्रवीण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक जीता था, जबकि पेरिस पैरालंपिक 2024 में 2.08 मीटर की छलांग के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। वर्ष 2025 में उन्होंने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता। एशियन पैरा गेम्स में नया रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण सफलता जोड़ दी।

पैरा एथलेटिक्स में भारत की पदक उम्मीदों को मिला बल

प्रवीण कुमार और बंटी की सफलता ने एशियन पैरा गेम्स में भारत के अभियान को नई मजबूती दी है। प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ी एथलेटिक्स के अलावा तीरंदाजी, तैराकी, पावरलिफ्टिंग और अन्य खेलों में भी पदक जीतने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

21 अक्टूबर की सुबह तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, भारत की पदक संख्या 41 तक पहुंच चुकी थी। इसमें 11 स्वर्ण, 13 रजत और 17 कांस्य पदक शामिल थे। प्रतियोगिता आगे बढ़ने के साथ यह संख्या बदल सकती है।

प्रवीण की जीत से देशभर में खुशी की लहर

प्रवीण कुमार की रिकॉर्डतोड़ छलांग केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत की प्रेरक मिसाल भी है। उनकी सफलता दिखाती है कि कठिन चुनौतियों के बावजूद सही प्रशिक्षण, आत्मविश्वास और समर्पण से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

नागोया में स्वर्ण जीतकर प्रवीण ने एक बार फिर भारतीय खेल जगत को गौरवान्वित किया है। वहीं, बंटी के रजत पदक ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया। दोनों खिलाड़ियों की सफलता से भारतीय पैरा एथलेटिक्स को नई पहचान मिली है।

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