देशभर में सक्रिय मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में तेज बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा। वहीं, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन के चलते सैकड़ों सड़कें बंद होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
दिल्ली में गुरुवार सुबह से दोपहर तक हुई बारिश के दौरान कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, दफ्तर जाने वाले लोगों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में 56 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली। दूसरी ओर, गुरुग्राम में 117 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश का सबसे ज्यादा असर दिल्ली-जयपुर हाईवे, धौलाकुआं, कालिंदी कुंज, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ग्रीन पार्क और एम्स समेत कई प्रमुख मार्गों पर देखने को मिला, जहां लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। हालात को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने निजी कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है।
उधर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। उत्तराखंड में 132 और हिमाचल प्रदेश में 120 से अधिक सड़कें बंद हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में भारी बारिश से सेब के बागानों को नुकसान पहुंचने की खबर है। मौसम विभाग ने 9 से 12 अगस्त के बीच क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई है।
पूर्वोत्तर राज्य असम में भी बाढ़ का संकट बना हुआ है। हालिया घटनाओं में छह और लोगों की मौत के बाद इस मानसून सीजन में मृतकों की संख्या 95 पहुंच गई है। राज्य में 1.6 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका जताते हुए लोगों, किसानों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
