देश के चार राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हो रहा है। इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं। चुनावी मुकाबले के बीच राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी मतदाताओं से मतदान में भाग लेने की अपील की है
चार राज्यों में 28 सीटों पर मतदान
इस चुनाव में उत्तर प्रदेश की 11, बिहार की 8, महाराष्ट्र की 5 और कर्नाटक की 4 विधान परिषद सीटें शामिल हैं। इन सभी सीटों पर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के माध्यम से चुनाव कराया जा रहा है। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी
विधान परिषद के ये चुनाव सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग होते हैं। इनमें केवल संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों की पात्र मतदाता सूची में शामिल लोग ही मतदान कर सकते हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले पंजीकृत स्नातक मतदाता होते हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं।
कर्नाटक में डीके शिवकुमार की अपील
कर्नाटक में चार सीटों पर होने वाला चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मतदाताओं से मतदान करने की अपील की है। मतदान में अधिक भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कर्नाटक में दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव हो रहा है। इनमें साउथ-ईस्ट ग्रेजुएट्स, वेस्ट ग्रेजुएट्स, नॉर्थ-ईस्ट टीचर्स और बेंगलुरु टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों पर कांग्रेस और भाजपा-जेडीएस गठबंधन के बीच मुकाबला राजनीतिक दृष्टि से अहम है।
उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर नजर
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 11 सीटों पर मतदान हो रहा है। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। राज्य में इन चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज है। विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजे संबंधित दलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि विधान परिषद में प्रतिनिधित्व राज्य की राजनीतिक रणनीति और विधायी गतिविधियों से जुड़ा है। हालांकि, इन चुनावों में मतदाताओं का दायरा सीमित और निर्वाचन क्षेत्र आधारित है, इसलिए परिणामों का आकलन इसी संदर्भ में किया जाना चाहिए।
बिहार और महाराष्ट्र में भी मुकाबला
बिहार की आठ सीटों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। महाराष्ट्र में पांच सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है, जिनमें तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। चारों राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक समीकरण और स्थानीय मुद्दे चुनावी मुकाबले को प्रभावित कर सकते हैं।
कब आएंगे नतीजे?
मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना की जाएगी। इसके बाद स्पष्ट होगा कि विभिन्न राजनीतिक दलों को कितनी सीटें मिलती हैं और विधान परिषद में उनका प्रतिनिधित्व किस प्रकार बदलता है।
फिलहाल, चार राज्यों की 28 सीटों पर जारी मतदान पर राजनीतिक दलों और मतदाताओं की नजर है। कर्नाटक में डीके शिवकुमार की अपील के साथ-साथ अन्य राज्यों में मतदान की स्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अंतिम नतीजे मतगणना के बाद ही सामने आएंगे।
