अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि वह इस कानून की समीक्षा करेंगे, लेकिन फिलहाल इसमें किसी तरह के बदलाव या प्रतिबंध हटाने का एलान नहीं किया है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनकी सरकार की ओर से रूसी डीजल के आयात को लेकर दी गई अनुमति पर अमेरिका में राजनीतिक और कानूनी विवाद बढ़ रहा है।
2022 के कानून पर ट्रंप ने उठाए सवाल
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से रूस से आने वाले डीजल और उसके आयात पर लगे प्रतिबंध को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि अगर यह कानून वास्तव में ऐसा प्रतिबंध लगाता है, तो यह एक खराब कानून हो सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस मामले को देखेंगे।
दरअसल, वर्ष 2022 में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका ने रूस से ऊर्जा उत्पादों के आयात पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया था। तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन ने 8 अप्रैल 2022 को इस कानून पर हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य रूस की ऊर्जा से होने वाली कमाई को सीमित करना और यूक्रेन के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई पर आर्थिक दबाव बनाना था।
रूसी डीजल की खेप को लेकर बढ़ा विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत रूस से अमेरिका की ओर आ रहे डीजल के एक जहाज को लेकर हुई। पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि जब रूसी पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर कानूनन रोक है, तो फिर इस खेप को अमेरिका में उतारने की अनुमति कैसे दी जा सकती है।
ट्रंप ने पहले इस प्रतिबंध को जोन्स एक्ट से जोड़कर समझने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बताया गया कि सवाल 2022 में पारित अलग कानून को लेकर है। इसके बाद उन्होंने कानून की समीक्षा करने की बात कही। हालांकि, उन्होंने न तो प्रतिबंध समाप्त करने की घोषणा की और न ही किसी नई समयसीमा या कानूनी बदलाव की जानकारी दी।
अमेरिकी वित्त विभाग की अनुमति भी चर्चा में
मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ 9 अक्टूबर 2026 को आया था। उस दिन अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने जनरल लाइसेंस 135 जारी किया था। इसके तहत रूसी मूल के डीजल की बिक्री, डिलीवरी, जहाज से उतारने और आयात से जुड़े कुछ प्रतिबंधित लेनदेन को अस्थायी अनुमति दी गई।
यह अनुमति 7 अप्रैल 2027 तक प्रभावी रहने के लिए जारी की गई है। हालांकि, यह छूट विशेष रूप से डीजल से जुड़े लेनदेन के लिए है। इसे रूस के सभी पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर लगी रोक हटाने के फैसले के रूप में नहीं देखा जा सकता।
न्यू जर्सी की गवर्नर ने जताई आपत्ति
रूसी डीजल के आयात को लेकर अमेरिका के भीतर राजनीतिक विरोध भी सामने आया है। न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल ने इस अनुमति पर सवाल उठाते हुए बंदरगाहों और टर्मिनल संचालकों को पत्र लिखा। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से दी गई अनुमति संघीय कानून से टकराती है।उन्होंने कंपनियों को रूसी ईंधन की खेप स्वीकार करने के कानूनी जोखिमों के प्रति आगाह किया है। इस मुद्दे पर अमेरिकी राजनीति में भी मतभेद देखने को मिल रहे हैं।
आगे क्या होगा?
ट्रंप के ताजा बयान से फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अमेरिका रूस से ऊर्जा उत्पादों के आयात को लेकर अपनी नीति में कोई बड़ा बदलाव करेगा या नहीं। कानून में प्रतिबंध हटाने के लिए कुछ निर्धारित शर्तें हैं, जिनमें यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने और रूसी सैनिकों की वापसी से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
ऐसे में ट्रंप की ओर से कानून की समीक्षा की बात कहना और वास्तव में प्रतिबंध हटाना दो अलग-अलग बातें हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिकी प्रशासन इस कानूनी विवाद का समाधान किस तरह निकालता है।
