Saturday, September 12, 2026
Saturday, September 12, 2026
Home बिजनेसशेयर बाजार में कमजोरी जारी, सेंसेक्स 50 अंक से अधिक टूटा; निफ्टी 24,250 के नीचे

शेयर बाजार में कमजोरी जारी, सेंसेक्स 50 अंक से अधिक टूटा; निफ्टी 24,250 के नीचे

by Sagar Sharma
0 comments

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को शुरुआती कारोबार में कमजोरी देखने को मिली। बाजार की शुरुआत हल्की तेजी के साथ हुई, लेकिन कुछ ही देर में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। सेंसेक्स 50 अंकों से अधिक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 एक बार फिर 24,250 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे चला गया। इससे निवेशकों के बीच बाजार की मौजूदा दिशा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

शुरुआती कारोबार में दबाव

कारोबार शुरू होने के बाद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जरूर दिखाई दी, लेकिन व्यापक बाजार धारणा कमजोर रही। सेंसेक्स में तेजी टिक नहीं सकी और सूचकांक लाल निशान में पहुंच गया। दूसरी ओर निफ्टी भी 24,250 के स्तर को बनाए रखने में नाकाम रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा स्तरों पर निवेशक नए दांव लगाने से पहले वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों पर नजर रख रहे हैं।

क्यों दबाव में है बाजार?

भारतीय शेयर बाजार पर इस समय कई घरेलू और वैश्विक कारकों का असर दिखाई दे रहा है। वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और भू-राजनीतिक घटनाक्रम निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं।

इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। हाल के कारोबारी सत्रों में भी कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक तनाव को बाजार की कमजोरी से जोड़कर देखा गया है।

निफ्टी के लिए 24,250 अहम स्तर

निफ्टी के लिए 24,250 का स्तर तकनीकी तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले भी बाजार विश्लेषकों ने 24,250-24,300 के क्षेत्र को महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन बताया था। वहीं 24,000 के आसपास का स्तर बाजार के लिए अहम सपोर्ट माना जाता रहा है।

अगर निफ्टी 24,250 के नीचे लगातार बना रहता है तो बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है। इसके विपरीत, यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर मजबूती से वापसी करता है तो निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक बहाल हो सकता है

निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर

फिलहाल बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक घटनाक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीद-बिक्री बाजार के लिए प्रमुख संकेतक रहेंगे।

घरेलू स्तर पर कंपनियों के तिमाही नतीजे, आर्थिक आंकड़े और नीतिगत फैसले भी शेयर बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। मौजूदा माहौल में विशेषज्ञ निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और बाजार में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाने की सलाह देते हैं।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

बाजार में फिलहाल स्पष्ट दिशा का अभाव दिखाई दे रहा है। निफ्टी के लिए 24,250 का स्तर आने वाले सत्रों में महत्वपूर्ण बना रह सकता है। इसके ऊपर टिकने पर खरीदारी लौट सकती है, जबकि लगातार नीचे रहने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

कुल मिलाकर शुक्रवार के शुरुआती कारोबार ने संकेत दिया है कि भारतीय शेयर बाजार अभी भी दबाव से पूरी तरह बाहर नहीं आया है। निवेशकों की नजर अब दिनभर की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों पर रहेगी। ऐसे अस्थिर माहौल में बाजार की हर तेजी या गिरावट को व्यापक आर्थिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखना जरूरी होगा।

Author

You may also like