Sunday, September 13, 2026
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रक्षाबंधन 2026: आज राखी बांधने का शुभ समय, जानें भद्रा के बाद का खास मुहूर्त

by Sagar Sharma
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रक्षाबंधन 2026 शुभ मुहूर्त: भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व आज मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सुख-समृद्धि व लंबी आयु की कामना करती हैं। वहीं भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार देते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार राखी बांधने के लिए शुभ समय का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं आज राखी बांधने का शुभ समय और पूजा की सही विधि।

राखी बांधने के लिए कौन सा समय रहेगा शुभ?

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधते समय शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में राखी बांधने से बचना चाहिए। इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद ही भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ माना जाता है।

इस वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। इसके बाद अमृत मुहूर्त सुबह 9:48 बजे से 10:53 बजे तक रहेगा। वहीं दिन में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक रहेगा। इन शुभ समयों में राखी बांधना विशेष फलदायी माना जाता है।

राखी बांधने से पहले क्या करें?

रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर में भगवान की पूजा करें। राखी बांधने के लिए थाली तैयार करें। इसमें रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखें।

सबसे पहले भगवान का स्मरण करके पूजा करें। इसके बाद भाई को उचित दिशा में बैठाकर उसके माथे पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाएं। तिलक के ऊपर अक्षत लगाएं और फिर भाई की कलाई पर राखी बांधें। इसके बाद भाई को मिठाई खिलाएं और उसकी सुख-समृद्धि की कामना करें।

राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। बहन को राखी बांधते समय भाई की कलाई पर अक्षत और रोली का प्रयोग करना चाहिए। राखी बांधने के बाद आरती करना भी शुभ माना जाता है।

भाई को राखी बंधवाने के बाद अपनी बहन को सामर्थ्य के अनुसार उपहार देना चाहिए। उपहार केवल वस्तु के रूप में ही नहीं, बल्कि बहन के प्रति सम्मान, प्रेम और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक भी माना जाता है।

रक्षाबंधन का धार्मिक महत्व

रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच मजबूत रिश्ते और आपसी विश्वास का प्रतीक है। इस दिन बहन अपने भाई की मंगलकामना करती है और भाई जीवनभर उसकी रक्षा तथा हर परिस्थिति में साथ देने का संकल्प लेता है।

इसलिए रक्षाबंधन के दिन शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से राखी बांधना और परिवार के साथ मिलकर पर्व मनाना विशेष महत्व रखता है। हालांकि मुहूर्त के स्थानीय पंचांग के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है, इसलिए अपने शहर के पंचांग से समय का मिलान करना उचित रहेगा।

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