Friday, September 11, 2026
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धीरेंद्र शास्त्री की अपील पर बंगाल में बढ़ा विवाद, कांग्रेस ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की

by Sagar Sharma
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पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा से पहले खानपान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से दुर्गा पूजा और नवरात्रि के दौरान मांसाहारी भोजन से दूरी बनाने की अपील के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। अब पश्चिम बंगाल कांग्रेस की ओर से उनके खिलाफ कोलकाता पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके बयान से बंगाली समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है

हावड़ा के कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ विवाद

यह मामला 5 सितंबर को हावड़ा के लिलुआ में हुए एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी के बाद सामने आया। उन्होंने बंगाल के लोगों से दुर्गा पूजा और नवरात्रि के दौरान मांसाहारी भोजन से बचने की अपील की थी। उन्होंने पूजा पंडालों और देवी की प्रतिमाओं के आसपास नॉन-वेज भोजन की बिक्री नहीं करने की बात भी कही थी।

उनकी इस अपील के बाद बंगाल की खानपान परंपराओं को लेकर बहस तेज हो गई। राज्य में दुर्गा पूजा के दौरान अलग-अलग समुदायों और परिवारों की अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं हैं, जिनमें खानपान को लेकर भी विविधता देखने को मिलती है।

कांग्रेस ने पुलिस के सामने रखी शिकायत

दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस समिति की ओर से भवानीपुर थाने में शिकायत दी गई। शिकायत में धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए पुलिस से आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह के बयान समाज में असामंजस्य पैदा कर सकते हैं।

इसके अलावा मध्य कोलकाता जिला कांग्रेस की ओर से भी अलग शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, शिकायत दर्ज होना और FIR दर्ज होना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। फिलहाल मामला पुलिस शिकायत और कार्रवाई की मांग से जुड़ा है।

बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज

धीरेंद्र शास्त्री की अपील के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। राज्य की खानपान संस्कृति का हवाला देते हुए कई नेताओं ने इस तरह की अपील पर सवाल उठाए हैं। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी कहा है कि बंगाल के लोग अपनी पसंद के अनुसार क्या खाएंगे, यह तय करने का अधिकार किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं है।

इससे साफ है कि मामला केवल धार्मिक अपील तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और खानपान की स्वतंत्रता से जुड़े राजनीतिक विवाद में भी बदल गया है।

दुर्गा पूजा से पहले बढ़ी संवेदनशीलता

दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव माना जाता है। ऐसे में त्योहार से ठीक पहले खानपान को लेकर हुई यह बहस राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गई है।

एक तरफ धीरेंद्र शास्त्री धार्मिक अनुशासन और पूजा की पवित्रता का हवाला देते हुए नॉन-वेज से दूरी की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके विरोध में यह तर्क दिया जा रहा है कि बंगाल की स्थानीय परंपराओं और लोगों की खानपान संबंधी पसंद का सम्मान किया जाना चाहिए।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस इस शिकायत पर आगे क्या कदम उठाती है। फिलहाल धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद दुर्गा पूजा से पहले बंगाल की राजनीति और सामाजिक विमर्श में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

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