Thursday, October 29, 2026
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Home देशपंजाब में झोटा हत्याकांड पर बवाल, सड़कों पर उतरे लोग; सरकार से इस्तीफे की मांग तेज,इमरजेंसी सेवाओं को छूट,फरीदकोट में हाईवे जाम की कोशिश नाकाम

पंजाब में झोटा हत्याकांड पर बवाल, सड़कों पर उतरे लोग; सरकार से इस्तीफे की मांग तेज,इमरजेंसी सेवाओं को छूट,फरीदकोट में हाईवे जाम की कोशिश नाकाम

by Sagar Sharma
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पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में गुरुवार, 15 अक्टूबर को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। बंद का असर बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक परिवहन पर देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग हत्या की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। बंद के दौरान अस्पताल, एंबुलेंस, मेडिकल स्टोर और अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को छूट देने की बात कही गई है। कई स्थानों पर प्रदर्शन और धरने आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है।

सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक बंद का आह्वान

परविंदर सिंह झोटा के परिवार और न्याय की मांग कर रहे संगठनों ने पंजाब बंद का आह्वान किया है। यह बंद सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित है। इसे विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान-मजदूर संगठनों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं का समर्थन मिला है।बंद के दौरान कई शहरों में दुकानें और बाजार बंद रखने की अपील की गई है। मानसा और बठिंडा सहित कुछ क्षेत्रों में स्कूलों तथा शैक्षणिक संस्थानों पर भी असर पड़ा है। बस सेवाएं प्रभावित होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से बंद में शामिल होने की अपील की है। साथ ही, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता देने पर जोर दिया गया है।

फरीदकोट में हाईवे जाम करने की कोशिश पर नजर

झोटा हत्याकांड के विरोध में राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़क जाम और धरना-प्रदर्शन की घोषणाएं की गई हैं। फरीदकोट में हाईवे जाम करने की कोशिश नाकाम होने की खबर के बीच यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।

हालांकि, फरीदकोट में जाम की कोशिश को नाकाम किए जाने से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। प्रशासन की प्राथमिकता यातायात को सुचारु रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

पंजाब के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शनकारी प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर एकत्र हो रहे हैं। पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है, ताकि विरोध प्रदर्शन के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।

क्या है परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड?

परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे। 13 अक्टूबर को मानसा में गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद परिवार और समर्थकों में आक्रोश फैल गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद नशीली दवाओं की कथित बिक्री का विरोध करने से जुड़ा था। घटना के संबंध में मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों तथा आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

हत्या के बाद मानसा में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। कुछ स्थानों पर तनाव और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।

सीबीआई जांच और जवाबदेही की मांग

झोटा के परिवार और प्रदर्शनकारी संगठनों ने मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है।परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का रुख अपनाया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और नशे के कारोबार के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

इन मांगों के बीच राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ लोगों की चिंताओं का समाधान करने की चुनौती है।

इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

पंजाब बंद के दौरान अस्पतालों, एंबुलेंस, दवाइयों और अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है। हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के कारण परिवहन और अन्य सेवाओं में व्यवधान हो सकता है।

यात्रियों को घर से निकलने से पहले अपने मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। प्रशासन के लिए जरूरी है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहें और किसी भी नागरिक को आपातकालीन सहायता पाने में परेशानी न हो।

झोटा हत्याकांड ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान, कानून-व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर जांच की प्रगति और परिवार की मांगों पर प्रशासन की कार्रवाई पर है।

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