भारत और कनाडा के रिश्तों को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में कनाडा का दौरा करेंगे। कनाडा में भारतीय उच्चायोग की ओर से 16 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 11 और 12 दिसंबर को कनाडा में रहेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से होगी। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करना इस यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
कब होगा प्रधानमंत्री मोदी का कनाडा दौरा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कनाडा दौरा 11 और 12 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देश पिछले कुछ समय से अपने द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी और मार्क कार्नी ने 13 अक्टूबर को फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों में आई सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ठोस परिणाम हासिल करने पर सहमति जताई थी।
इस यात्रा से दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को मजबूती मिलने और भविष्य के सहयोग की दिशा तय होने की उम्मीद है।
व्यापार समझौते पर रहेगी खास नजर
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को अंतिम रूप देना हो सकता है। दोनों देश इस समझौते पर बातचीत जल्द पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के अवसर बढ़ाना है। इससे भारतीय कंपनियों को कनाडा के बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं, जबकि कनाडाई कंपनियों के लिए भारत के बड़े उपभोक्ता बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है।
दोनों सरकारों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी रखा है। ऐसे में दिसंबर की बैठक आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि, समझौते पर अंतिम सहमति और उसके लागू होने की प्रक्रिया बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगी।
ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग
ऊर्जा सुरक्षा भी इस दौरे का प्रमुख विषय रहने की संभावना है। भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी मजबूत करना चाहता है। वहीं, कनाडा ऊर्जा संसाधनों और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसर तलाश रहा है।
दोनों देशों के बीच पारंपरिक ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा, नागरिक परमाणु ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं हैं। ऐसे समझौतों से भारत को ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने और भविष्य की जरूरतों के लिए आपूर्ति शृंखला मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
सुरक्षा और रक्षा संबंधों पर भी चर्चा
व्यापार के साथ सुरक्षा और रक्षा सहयोग भी भारत-कनाडा संबंधों का अहम हिस्सा बन रहा है। दोनों देशों के बीच सुरक्षा अधिकारियों के स्तर पर संवाद हुआ है और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा जारी है।
पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में तनाव भी देखने को मिला था। ऐसे में उच्चस्तरीय बैठक के दौरान आपसी विश्वास बढ़ाने, सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर बातचीत करने और संस्थागत संवाद को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा सकता है।हालांकि, यात्रा के दौरान किन समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे, इसकी पूरी जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए क्यों अहम है दौरा?
कनाडा में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। भारतीय छात्र और पेशेवर भी शिक्षा तथा रोजगार के अवसरों के लिए कनाडा जाते हैं। इसलिए दोनों देशों के संबंधों में सुधार का असर लोगों के आपसी संपर्क, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों पर भी पड़ सकता है।प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से उम्मीद की जा रही है कि दोनों देश आर्थिक साझेदारी के साथ-साथ लोगों के बीच संबंधों को भी आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 11-12 दिसंबर का कनाडा दौरा भारत-कनाडा संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। व्यापार समझौते, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और सुरक्षा सहयोग पर होने वाली बातचीत से दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा मिल सकती है।
