पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस, मांगी अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट
नई दिल्ली में निशु आजाद और संजय आजाद से जुड़े मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। अदालत में दाखिल याचिका के जरिए दोनों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट का हवाला देते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत के बाद अदालत पहुंचा मामला
मामले में शिकायतकर्ता की ओर से पहले पुलिस के समक्ष शिकायत किए जाने की बात कही गई है। आरोप है कि शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। याचिका में सोशल मीडिया पर प्रकाशित कथित पोस्ट को लेकर जांच और संबंधित डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है।
अदालत ने फिलहाल आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। कोर्ट का मौजूदा आदेश दिल्ली पुलिस से जवाब और मामले में अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी लेने से संबंधित है।
धार्मिक भावनाओं से जुड़ी पोस्ट पर आपत्ति
याचिका में सोशल मीडिया पर भगवान शिव, भगवान श्रीकृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा से संबंधित कथित टिप्पणियों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन पोस्ट में धार्मिक मान्यताओं और देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित सामग्री अलग-अलग समय पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई थी। हालांकि, इन आरोपों की अभी न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है और पोस्ट की पूरी पृष्ठभूमि तथा संदर्भ जांच का विषय हैं।
किन धाराओं में कार्रवाई की मांग?
याचिका में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है। इनमें धारा 196 और 299 का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोपों की प्रकृति के आधार पर अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की मांग की है।मामले में सोशल मीडिया पोस्ट की सामग्री, उसका संदर्भ, पोस्ट किए जाने का समय और उससे संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड जांच के महत्वपूर्ण हिस्से हो सकते हैं।
अब दिल्ली पुलिस को देना होगा जवाब
पटियाला हाउस कोर्ट के नोटिस के बाद दिल्ली पुलिस को मामले में अपनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। पुलिस की रिपोर्ट मिलने के बाद अदालत उपलब्ध तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्यवाही पर विचार कर सकती है।
फिलहाल अदालत ने FIR दर्ज करने का अंतिम आदेश नहीं दिया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस आगे किस तरह की कार्रवाई करेगी। अगली सुनवाई में पुलिस का जवाब मामले की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण हो सकता है।
