मेरठ। सावन की कांवड़ यात्रा के बीच मेरठ में मंगलवार को दो कांवड़िया गुटों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे रखी कांवड़ को हरिद्वार की ओर जा रहे बाइक सवार कांवड़ियों की मोटरसाइकिल से टक्कर लग गई, जिससे कांवड़ क्षतिग्रस्त हो गई। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस बाइक सवार युवक सोनू और उसके साथी को पूछताछ के लिए जीप में बैठाकर ले जा रही थी। इसी दौरान कुछ कांवड़ियों ने पुलिस वाहन को रोक लिया और दोनों युवकों को बाहर खींचकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे एक सिपाही को भी चोटें आईं। उसके हाथ, कंधे और चेहरे पर चोट लगने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इससे एक दिन पहले भी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कांवड़ यात्रा के दौरान तनाव की घटनाएं सामने आई थीं। गाजियाबाद के मुरादनगर में कांवड़ियों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और एंबुलेंस की टक्कर के बाद कांवड़ क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे नाराज श्रद्धालुओं ने दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जाम लगा दिया। बाद में पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समझाइश के बाद रास्ता खुलवाया।
वहीं राजधानी लखनऊ में स्कूल वैन पर हमला किए जाने की घटना भी चर्चा में रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ युवकों ने वैन में तोड़फोड़ कर दी, जिससे उसमें सवार बच्चे घबरा गए। हालांकि पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमला करने वाले युवक कांवड़ यात्रा की आड़ में उपद्रव कर रहे थे और उनकी पहचान की जा रही है।
इधर, कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धा के अलग-अलग स्वरूप भी देखने को मिले। दिल्ली लौट रहे एक श्रद्धालु ने स्वयं को रावण के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि संभल में एक कांवड़िया अपनी कांवड़ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई की तस्वीर लेकर चल रहा है। मेरठ के 65 वर्षीय हरपाल नाथ हरिद्वार से 33 लीटर गंगाजल लेकर घुटनों के बल यात्रा पूरी कर रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
