Sunday, September 13, 2026
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रांची: JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते गिरफ्तार, 14वीं सिविल सेवा PT में कथित गड़बड़ी की जांच तेज

by Sagar Sharma
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रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) में कथित अनियमितताओं के मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने आयोग के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले की जांच में नया मोड़ आ गया है।

CID के अतिरिक्त महानिदेशक मनोज कौशिक ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के सिलसिले में खियांग्ते को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, 28 जुलाई से पूर्व चेयरमैन से चार बार पूछताछ की जा चुकी थी। अब उनकी गिरफ्तारी के बाद मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर आगे पूछताछ की जा रही है।

चेयरमैन पद से इस्तीफा देने के कुछ दिन बाद गिरफ्ता

एल. खियांग्ते ने हाल ही में JPSC चेयरमैन के पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने ई-मेल के जरिए अपना इस्तीफा राजभवन भेजा था, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वीकार कर लिया था। खियांग्ते ने उस समय कहा था कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ा है।

उनका इस्तीफा ऐसे समय हुआ था जब 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी थी। छात्र लगातार कथित गड़बड़ियों की जांच और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

JPSC मुख्यालय में भी हो चुकी है कार्रवाई

मामले की जांच कर रही CID ने JPSC मुख्यालय समेत कई स्थानों पर तलाशी ली है। जांच के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ के अलावा परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। खियांग्ते के सरकारी आवास समेत कई ठिकानों पर भी जांच एजेंसी कार्रवाई कर चुकी है।

पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में CID द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 20 हो गई है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितताएं किस स्तर पर हुईं और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।

वहीं, अभ्यर्थियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद छात्रों के आंदोलन और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद पर भी सबकी नजर बनी हुई है।

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