जापान में लगातार हो रही भारी बारिश ने राजधानी टोक्यो के आसपास के इलाकों में तबाही मचा दी है। टोक्यो से सटे चिबा प्रांत में गुरुवार रात महज एक घंटे के भीतर 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम की यह स्थिति इतनी गंभीर रही कि कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। हादसों में अब तक चार लोगों की मौत और पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
चिबा में पहली बार जारी हुआ लेवल-5 अलर्ट
मूसलाधार बारिश को देखते हुए जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने चिबा के प्रभावित इलाकों के लिए लेवल-5 की सबसे ऊंची आपदा चेतावनी जारी की। यह अलर्ट उस समय जारी किया जाता है जब लोगों की जान पर तत्काल खतरा बना हो। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
भारी बारिश के चलते चार लाख से ज्यादा लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया गया। वहीं, नारिता एयरपोर्ट पर करीब सात हजार यात्री रातभर फंसे रहे। लगातार बारिश और जलभराव के कारण यातायात और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा।
45 हजार घरों की बिजली गुल, सेना ने संभाला मोर्चा
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, गर्म और नमी वाली हवा के ऊपर मौजूद ठंडी हवा से टकराने के कारण वातावरण में अस्थिरता पैदा हुई। इसी वजह से कम समय में बेहद तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने शुक्रवार देर रात तक बारिश जारी रहने की आशंका जताई थी।
बारिश के कारण करीब 45 हजार घरों की बिजली चली गई। बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए जापान की सेना को भी राहत कार्यों में लगाया गया।
बाढ़ के पानी में फंसी कारें, गई लोगों की जान
इचिकावा शहर में बाढ़ से भरी सड़क से 60 से 70 वर्ष की उम्र के एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया। वहीं सकुरा शहर में 66 वर्षीय महिला की मौत हो गई। बताया गया कि उनकी कार बाढ़ के पानी में फंस गई थी।
दो अन्य लोगों की भी मौत की सूचना है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वे भी बाढ़ के दौरान अपनी कारों से बाहर नहीं निकल सके। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाली सड़कों पर वाहन लेकर नहीं निकलने की अपील की है।
गवर्नर ने बताया बेहद असामान्य हालात
चिबा के गवर्नर तोशिहितो कुमागाई ने शुक्रवार सुबह स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जापान के पुराने मौसम रिकॉर्ड को देखते हुए भी यह बेहद गंभीर स्थिति है। उनके मुताबिक, उन्होंने अपने जीवन में कई प्राकृतिक आपदाएं देखी हैं, लेकिन इस तरह के हालात पहले कभी नहीं देखे।
बारिश की तीव्रता कम होने के बाद भी प्रशासन ने बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा है। अधिकारियों ने अपील की है कि खतरा बढ़ने का इंतजार न करें और जरूरत पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थान पर चले जाएं
जलवायु परिवर्तन को लेकर बढ़ी चिंता
मौसम विशेषज्ञ जापान में बढ़ती अत्यधिक बारिश और खतरनाक मौसम की घटनाओं को जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं। हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।
ओकिनावा से टोक्यो तक खराब मौसम ने जनजीवन को प्रभावित किया है। उड़ानें प्रभावित होने के साथ कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। प्रशासन अब राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है।
