Saturday, September 12, 2026
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PNG कनेक्शन बढ़ाने की तैयारी तेज, सरकार का नया प्लान; गैस वितरकों को मिलेगा बड़ा फायदा

by Sagar Sharma
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केंद्र सरकार ने देश में घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने के लिए नई प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को हर अतिरिक्त बिल वाले घरेलू PNG कनेक्शन पर 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) कम कीमत वाली घरेलू गैस का अतिरिक्त आवंटन मिलेगा। सरकार का यह कदम घरों में पाइप के जरिए मिलने वाली गैस का इस्तेमाल बढ़ाने और LPG पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

1 सितंबर से लागू होगी नई योजना

सरकार की यह प्रोत्साहन योजना 1 सितंबर 2026 से लागू होगी। इसका उद्देश्य केवल नए कनेक्शन देना नहीं, बल्कि ऐसे PNG कनेक्शनों को भी सक्रिय करना है, जिनके घरों में मीटर या कनेक्शन तो मौजूद है लेकिन अभी नियमित बिलिंग शुरू नहीं हुई है।

योजना के तहत CGD कंपनियों को उनके संबंधित भौगोलिक क्षेत्र के लिए तय सीमा से अधिक नए और बिल वाले घरेलू कनेक्शन जोड़ने पर प्रोत्साहन मिलेगा। इससे कंपनियों के लिए नए इलाकों में नेटवर्क का विस्तार करना और मौजूदा निष्क्रिय कनेक्शनों को सक्रिय करना आर्थिक रूप से अधिक आकर्षक हो सकता है।

हर नए बिल वाले कनेक्शन पर 200 SCM गैस

इस योजना की सबसे खास बात अतिरिक्त गैस का आवंटन है। पात्र CGD कंपनियों को तय सीमा से अधिक हर नए बिल वाले घरेलू PNG कनेक्शन पर 200 SCM घरेलू स्तर पर उत्पादित कम कीमत वाली APM गैस मिलेगी।

इस अतिरिक्त गैस का इस्तेमाल कंपनियां महंगी LNG की खरीद के स्थान पर कर सकती हैं। इससे उनकी गैस खरीद की औसत लागत कम होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि लागत में यह कमी कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा घरों तक PNG नेटवर्क पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

कनेक्शन का खर्च वसूलने में लगेगा कम समय

PNG नेटवर्क बिछाने और घरों तक कनेक्शन पहुंचाने में CGD कंपनियों को शुरुआती पूंजी निवेश करना पड़ता है। सरकार के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में इस निवेश की लागत वसूलने में करीब 10 साल तक लग सकते हैं।

नई प्रोत्साहन योजना के बाद अतिरिक्त सस्ती गैस मिलने से कंपनियों की लागत कम हो सकती है और कनेक्शन से जुड़े निवेश की वसूली की अवधि लगभग 3 साल तक घटने की उम्मीद है। इससे कंपनियों को तेजी से नए कनेक्शन जोड़ने का आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा।

देश में करीब 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, देश में फिलहाल करीब 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन हैं। PNGRB के मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार घरेलू PNG कनेक्शनों की संख्या करीब 1.73 करोड़ थी, जबकि इनमें लगभग 1.13 करोड़ कनेक्शन बिल वाले थे। इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में कनेक्शन मौजूद होने के बावजूद सभी कनेक्शनों में नियमित गैस खपत और बिलिंग नहीं हो रही है।

इसी अंतर को कम करना सरकार की योजना का एक प्रमुख लक्ष्य है। मार्च 2026 से अब तक पांच लाख से ज्यादा PNG कनेक्शनों में गैस की आपूर्ति शुरू किए जाने और 5.7 लाख से अधिक ग्राहकों द्वारा नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराने की जानकारी भी सामने आई है।

आम लोगों को क्या फायदा होगा?

PNG गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे घर की रसोई तक पहुंचती है। उपभोक्ता को LPG सिलेंडर की तरह गैस सिलेंडर बुक कराने, डिलीवरी का इंतजार करने या सिलेंडर स्टोर करने की जरूरत नहीं पड़ती। गैस की खपत मीटर के आधार पर दर्ज होती है और उसी हिसाब से बिल तैयार किया जाता है।

अगर सरकार की योजना के चलते PNG नेटवर्क तेजी से फैलता है, तो ज्यादा घरों को पाइपलाइन गैस की सुविधा मिल सकती है। इससे शहरी क्षेत्रों में रसोई गैस की सप्लाई को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।

LPG पर निर्भरता घटाने की कोशिश

सरकार का यह फैसला ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। भारत अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में घरेलू स्तर पर उपलब्ध प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल को बढ़ाने से आयात पर निर्भरता और ईंधन से जुड़े खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।

कुल मिलाकर, नई योजना का लक्ष्य CGD कंपनियों को आर्थिक प्रोत्साहन देकर PNG के विस्तार की रफ्तार बढ़ाना है। 1 सितंबर से लागू होने वाली यह योजना आने वाले समय में ज्यादा घरों तक पाइपलाइन वाली गैस पहुंचाने और देश के ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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