दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के करीब 48 घंटे बाद राहत और बचाव अभियान के दौरान एक नवजात बच्चे को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। बच्चा एक ढही हुई पांच मंजिला रिहायशी इमारत के मलबे में फंसा था। उसके साथ एक व्यक्ति भी दबा हुआ था। यह रेस्क्यू ऑपरेशन भूकंप के तीसरे दिन किया गया।
मलबे के नीचे से आई आवाज
रेस्क्यू टीम जब इमारत के मलबे में लोगों की तलाश कर रही थी, तभी नीचे से एक व्यक्ति की आवाज सुनाई दी। उसने बताया कि वह मलबे के अंदर है और उसके साथ एक बच्चा भी मौजूद है। आवाज का पता चलते ही बचावकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत हाथों से मलबा हटाना शुरू किया।
कुछ देर की मशक्कत के बाद एक भारी कंक्रीट स्लैब के नीचे दबे व्यक्ति और नवजात तक पहुंच बनाई गई। दोनों को सावधानी से बाहर निकाला गया। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी और उसका सिर नीला पड़ गया था। इसके बावजूद उसे जिंदा बाहर निकाल लिया गया।
कुछ देर की मशक्कत के बाद एक भारी कंक्रीट स्लैब के नीचे दबे व्यक्ति और नवजात तक पहुंच बनाई गई। दोनों को सावधानी से बाहर निकाला गया। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी और उसका सिर नीला पड़ गया था। इसके बावजूद उसे जिंदा बाहर निकाल लिया गया।
भारत ने मदद की पेशकश की
भूकंप से हुई तबाही पर भारत ने भी चिंता जताई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कोलंबिया में हुए जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर भारत कोलंबिया की हर संभव मदद के लिए तैयार है।
कई इलाकों में भारी तबाही
भूकंप के कारण पश्चिमी कोलंबिया के कई इलाकों में इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंस गए। पेरिरा समेत प्रभावित शहरों में बचाव अभियान लगातार जारी रहा। राजधानी बोगोटा सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।
भूकंप के बाद हजारों लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत एजेंसियां और स्थानीय लोग मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे। नवजात को करीब दो दिन बाद जिंदा बचाए जाने की घटना ने इस विनाशकारी आपदा के बीच उम्मीद की एक बड़ी किरण दिखाई है।
रेस्क्यू टीम के लिए यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि भारी मलबे के बीच किसी भी हलचल से अंदर फंसे लोगों की जान को खतरा हो सकता था। बचावकर्मियों ने बेहद सावधानी से रास्ता बनाते हुए पहले बच्चे तक पहुंचने की कोशिश की। नवजात के सुरक्षित बाहर आने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में राहत और खुशी का माहौल देखने को मिला।बचाव अभियान में जुटी टीमों ने मलबे के आसपास मौजूद अन्य संभावित जीवित लोगों की तलाश भी जारी रखी।
रेस्क्यू टीम ने बच्चे को बाहर निकालने के बाद तुरंत उसकी हालत की जांच की और उसे जरूरी चिकित्सकीय सहायता देने की तैयारी की। इस पूरे अभियान के दौरान बचावकर्मियों ने बेहद सावधानी बरती, क्योंकि मलबे का बड़ा हिस्सा अस्थिर था और किसी भी तरह की जल्दबाजी से अंदर फंसे लोगों को नुकसान पहुंच सकता था। नवजात के जिंदा मिलने से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमों का हौसला भी बढ़ा और मलबे में अन्य लोगों के जीवित होने की उम्मीद मजबूत हुई। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी रखते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
