Monday, November 2, 2026
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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव पर दिल्ली में सियासी घमासान! कांग्रेस की रैली पर CM विष्णुदेव साय का हमला, अरुण साव ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

by Sagar Sharma
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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर दिल्ली में आयोजित कांग्रेस नेताओं की रैली को लेकर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद सामने आया है। कांग्रेस नेताओं ने राजधानी दिल्ली में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत रैली निकाली। इस दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए। वहीं, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी कांग्रेस की रैली को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। राज्योत्सव के मौके पर सामने आए इस राजनीतिक घटनाक्रम ने प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर दिया है

राज्योत्सव के दिन दिल्ली में कांग्रेस का प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। इस मौके पर राज्यभर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, समारोहों और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस बार दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की रैली ने राजनीतिक चर्चा को भी केंद्र में ला दिया।

कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ प्रदर्शन किया। पार्टी की ओर से लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े मुद्दों को उठाने की कोशिश की गई। रैली के दौरान नेताओं ने अपने राजनीतिक विचार रखे और जनता से जुड़े विषयों पर ध्यान आकर्षित किया।

हालांकि, राज्योत्सव जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर दिल्ली में कांग्रेस की गतिविधियों को लेकर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि प्रदेश के स्थापना दिवस के मौके पर इस तरह की राजनीतिक रैली का आयोजन उचित नहीं है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस को घेरा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की रैली को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए इसे राज्योत्सव के अवसर से जोड़कर सवाल उठाए।मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। भाजपा की ओर से कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर आलोचना सामने आई, जबकि कांग्रेस अपने अभियान के मुद्दों को लेकर मैदान में रही।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, राज्योत्सव जैसे अवसर पर दोनों दलों के बीच सामने आया यह विवाद प्रदेश की राजनीति में एक नया मुद्दा बन सकता है। हालांकि, किसी भी राजनीतिक बयान को संबंधित नेता की प्रतिक्रिया के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

अरुण साव ने रैली को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी कांग्रेस की दिल्ली रैली को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इस प्रदर्शन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनके बयान से स्पष्ट हुआ कि भाजपा इस मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक प्रतिक्रिया देने के मूड में है।अरुण साव की टिप्पणी के बाद राज्योत्सव के मौके पर कांग्रेस की रैली को लेकर चर्चा और तेज हो गई। भाजपा नेताओं ने जहां आयोजन के समय पर सवाल उठाए, वहीं कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन अपने राजनीतिक अभियान का हिस्सा रहा।

‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान से क्या संदेश देना चाहती है कांग्रेस?

कांग्रेस की रैली का मुख्य नारा ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रहा। इस अभियान के जरिए पार्टी ने चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को सामने रखने का प्रयास किया।राजनीतिक दलों के लिए रैलियां और प्रदर्शन अपनी बात जनता तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं। कांग्रेस ने दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के जरिए अपने अभियान को आगे बढ़ाने की कोशिश की। वहीं, भाजपा नेताओं ने इस आयोजन के समय और उद्देश्य को लेकर सवाल उठाए।

राज्योत्सव पर राजनीति से गरमाया माहौल

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव प्रदेश की पहचान, संस्कृति और स्थापना से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे में दिल्ली में कांग्रेस की रैली और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने राजनीतिक माहौल को चर्चा का विषय बना दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव की टिप्पणियों के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मुद्दे पर बहस बढ़ने की संभावना है। फिलहाल, राज्योत्सव के दिन दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की रैली और उस पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया प्रदेश की राजनीति में सुर्खियां बटोर रही है।

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