बहादुरी के सम्मान में बड़ा ऐलान
फ्लाईदुबई की उड़ान में हुए गंभीर कॉकपिट हमले के दौरान साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को लेकर देशभर में सम्मान की मांग उठ रही है। इसी बीच राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कैप्टन मच्छार के नाम पर 25 लाख रुपये का ‘स्मित मच्छार ब्रेवरी अवॉर्ड’ शुरू करने की घोषणा की है। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने की मांग भी सामने आई है।
कॉकपिट में हुआ था गंभीर हमला
30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के भीतर गंभीर घटना हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने विमान और उसमें मौजूद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
मुश्किल हालात में संभाली कमान
हमले के बाद विमान की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, विमान तेजी से नीचे आया और आपात स्थिति पैदा हो गई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट पर नियंत्रण बनाए रखने और स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में क्रू और यात्रियों की मदद से हमलावर को काबू किया गया।
तबूक में हुई सुरक्षित लैंडिंग
घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी आपात लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद घटना की गंभीरता सामने आई। कैप्टन मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार जानकारी सामने आती रही है।
25 लाख रुपये का मिलेगा ब्रेवरी अवॉर्ड
राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में 25 लाख रुपये के ब्रेवरी अवॉर्ड की घोषणा की है। उनके अनुसार, इस पुरस्कार का उद्देश्य असाधारण साहस को सम्मान देना और ऐसी घटनाओं से युवाओं को जिम्मेदारी तथा मानव जीवन की रक्षा का संदेश देना है।
अशोक चक्र के लिए भी सिफारिश
कैप्टन मच्छार को अशोक चक्र दिए जाने की मांग भी सामने आई है। सांसद मिलिंद देवड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कैप्टन मच्छार के नाम पर अशोक चक्र के लिए विचार करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा पायलटों के संगठन की ओर से भी राष्ट्रीय वीरता सम्मान पर विचार करने की अपील की गई है।
अभी अशोक चक्र पर नहीं हुआ फैसला
हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अशोक चक्र देने की मांग फिलहाल सिफारिश और मांग के स्तर पर है। भारत सरकार की ओर से कैप्टन स्मित मच्छार को अशोक चक्र प्रदान करने की कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित सरकारी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
प्रधानमंत्री ने भी की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सार्वजनिक रूप से सराहना की है। उन्होंने कहा कि गंभीर खतरे के बीच कैप्टन मच्छार ने जिस साहस का परिचय दिया, वह उल्लेखनीय है। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
राज्य स्तर पर भी मिला सम्मान
गुजरात सरकार ने कैप्टन मच्छार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने की घोषणा की है। इस सम्मान के साथ 25 लाख रुपये की नकद राशि भी दी जाएगी। यह सम्मान उनके स्वस्थ होने के बाद आयोजित विशेष कार्यक्रम में दिए जाने की बात कही गई है।
बहादुरी की कहानी बनी चर्चा का विषय
कैप्टन स्मित मच्छार की घटना ने विमानन क्षेत्र में संकट के दौरान पायलट की जिम्मेदारी और साहस को लेकर व्यापक चर्चा शुरू कर दी है। 25 लाख रुपये के ब्रेवरी अवॉर्ड की घोषणा, राज्य सरकार के सम्मान और अशोक चक्र की मांग के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि राष्ट्रीय स्तर पर उनके लिए आगे क्या फैसला लिया जाता है।
