Wednesday, October 28, 2026
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उड़ता तीर रिव्यू: सटीक निशाने पर लगती है आयुष्मान खुराना की फिल्म, सारा अली खान और ‘धुरंधर’ का दिखा अनोखा रंग

by Sagar Sharma
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आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म ‘उड़ता तीर’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। जासूसी, एक्शन, हास्य और देशभक्ति के मिश्रण के साथ आई यह फिल्म अपनी अलग कहानी के कारण चर्चा में है। फिल्म की कहानी एक ऐसे पाकिस्तानी जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी याददाश्त चली जाती है और वह खुद को भारतीय अधिकारी समझने लगता है। यही उलटफेर कहानी में हास्य और रोमांच पैदा करता है। हालांकि, फिल्म दर्शकों को कितना प्रभावित करती है, इस पर समीक्षकों की राय अलग-अलग है।

क्या है ‘उड़ता तीर’ की कहानी?

फिल्म में आयुष्मान खुराना ने बिलाल अहमद नाम के एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट की भूमिका निभाई है। वह भारत की आतंकवाद निरोधक व्यवस्था में अधिकारी के रूप में काम करता है, लेकिन परिस्थितियां बदलने पर उसकी पहचान और याददाश्त को लेकर बड़ा मोड़ आता है। एक दुर्घटना के बाद वह खुद को भारतीय अधिकारी विक्रांत थापर मानने लगता है।

इसके बाद कहानी में कई हास्यपूर्ण और तनावपूर्ण घटनाएं सामने आती हैं। जिस मिशन का हिस्सा बनकर वह भारत के खिलाफ काम कर रहा था, उसी के विपरीत अब वह देश की सुरक्षा के लिए जुट जाता है। उसके पुराने साथी और पाकिस्तान में बैठे उसके संपर्क इस बदली हुई परिस्थिति से परेशान हो जाते हैं।

आयुष्मान खुराना की भूमिका में कितना दम?

आयुष्मान खुराना फिल्म में दो अलग-अलग पहचानों के बीच फंसे व्यक्ति का किरदार निभाते हैं। उनके अभिनय में हास्य और गंभीरता का मिश्रण देखने को मिलता है। कहानी का केंद्रीय विचार उन्हें अपनी कॉमेडी और अभिनय क्षमता दिखाने का अवसर देता है।

हालांकि, कुछ समीक्षकों का मानना है कि फिल्म की पटकथा कई जगह अपनी गति खो देती है। कहानी में एक साथ जासूसी, हास्य, रोमांस और देशभक्ति को शामिल करने के प्रयास के कारण इसका भावनात्मक प्रभाव हर जगह समान नहीं रहता।

सारा अली खान और सहायक कलाकार

सारा अली खान फिल्म में यामिनी की भूमिका निभाती हैं, जो विक्रांत की पत्नी हैं। दोनों के रिश्ते में तनाव कहानी का एक हिस्सा है। हालांकि, कुछ समीक्षाओं में उनके किरदार को पर्याप्त गहराई नहीं मिलने की बात कही गई है।

राहुल बोस, राम कपूर, सुहैल नैयर, गुलशन ग्रोवर और स्मिता तांबे जैसे कलाकार भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। सहायक कलाकारों के अभिनय को कहानी के कई हिस्सों में मजबूती देने वाला माना गया है। दिवंगत अभिनेता मुकुल देव की मौजूदगी भी फिल्म के उल्लेखनीय पहलुओं में शामिल है।

कॉमेडी, एक्शन और देशभक्ति का मिश्रण

‘उड़ता तीर’ पारंपरिक जासूसी फिल्मों से अलग अंदाज अपनाने की कोशिश करती है। इसमें खुफिया अभियानों के साथ हास्यपूर्ण परिस्थितियां और देशभक्ति से जुड़े दृश्य शामिल हैं। फिल्म का विचार दिलचस्प है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि दर्शक अलग-अलग शैलियों के इस मिश्रण से कितना जुड़ पाते हैं।

कुछ समीक्षकों ने फिल्म के हास्य और मनोरंजक दृश्यों की तारीफ की है, जबकि अन्य ने पटकथा की असंगति, धीमी गति और जरूरत से ज्यादा शैलीगत बदलावों पर सवाल उठाए हैं।

देखें या नहीं?

यदि आपको जासूसी कहानियों में हास्य और देशभक्ति का मिश्रण पसंद है, तो ‘उड़ता तीर’ आपके लिए एक विकल्प हो सकती है। आयुष्मान खुराना का अलग अंदाज और फिल्म का अनोखा आधार इसकी प्रमुख खूबियां हैं। दूसरी ओर, कहानी की गति और पटकथा की असमानता कुछ दर्शकों को निराश कर सकती है।

कुल मिलाकर, ‘उड़ता तीर’ एक अलग विचार के साथ आई फिल्म है, लेकिन उसके क्रियान्वयन को लेकर समीक्षकों की राय बंटी हुई है। सिनेमाघर जाने से पहले ट्रेलर देखकर और अपनी पसंद के अनुसार फैसला करना बेहतर रहेगा।

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