नई दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को काफी देर तक जारी रहा। संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर मार्च कर रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेता धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया।
निर्वाचन सदन की ओर बढ़ रहा था विपक्ष
विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए मार्च कर रहे थे। विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
मार्च को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद नेताओं ने वहीं बैठकर विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता शामिल रहे
कई घंटे तक चला धरना
मार्च रोके जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन कई घंटे तक चला। इस दौरान नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात करने और अपनी मांगें रखने की कोशिश की।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मिलने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को गंभीर मुद्दा बताया।
राहुल गांधी का कड़ा संदेश
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी की ओर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो और संदेश साझा किया गया। इसमें उन्होंने लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखने की बात कही।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि “लोकतंत्र के गद्दारों को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है। हिसाब होगा—एक भी देशद्रोही बचा नहीं जाएगा।”
राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना जरूरी है।
पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया
कई घंटे तक चले धरने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
घटना के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर उठाने की तैयारी में है।
आगे भी जारी रह सकता है विरोध
चुनाव आयोग से जुड़े विवाद के बीच विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे इस मुद्दे को आगे भी उठाते रहेंगे। मतदाता सूची, SIR और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और बढ़ सकता है।
