मुंबई में अभिजीत दिपके को पुलिस द्वारा थाने ले जाने का मामला चर्चा में है। यह घटनाक्रम 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सामने आया। बताया जा रहा है कि दिपके मरीन ड्राइव इलाके में मौजूद थे और लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी ने उन्हें अपने साथ चलने के लिए कहा। दिपके की ओर से दावा किया गया कि अधिकारी ने उनसे चाय पीने के लिए साथ चलने की बात कही थी।
इसके बाद वह पुलिस अधिकारी के साथ चले गए और उन्हें मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ले जाया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्हें पुलिस अधिकारियों के साथ जाते हुए देखा जा सकता है।
चाय के नाम पर थाने पहुंचने की कहानी
दिपके के मुताबिक, जब महिला पुलिस अधिकारी ने उन्हें चाय के लिए बुलाया तो उन्हें लगा कि यह सामान्य बातचीत का हिस्सा है। लेकिन इसके बाद उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया। थाने पहुंचने के बाद भी उन्हें चाय नहीं दी गई।
कुछ समय बाद जब उन्हें वहां से जाने के लिए कहा गया तो कथित तौर पर महिला अधिकारी ने कहा, ‘आपकी चाय हमारे यहां बाकी है।’ इसी टिप्पणी के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
दिपके की ओर से सवाल उठाया गया कि यदि उन्हें सिर्फ चाय के लिए बुलाया गया था, तो उन्हें पुलिस स्टेशन क्यों ले जाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरी कार्रवाई का मकसद उनके प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले उन्हें कुछ समय के लिए रोकना हो सकता है।
पुलिस का अलग पक्ष
वहीं, पुलिस की ओर से दिपके को हिरासत में लिए जाने के दावे से इनकार किया गया है। पुलिस का कहना है कि दिपके इलाके में मौजूद थे और पुलिसकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें औपचारिक तौर पर गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया था।
यही वजह है कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। एक तरफ दिपके की ओर से उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाने और चाय का वादा किए जाने की बात कही गई है, जबकि पुलिस इसे हिरासत की कार्रवाई नहीं मान रही है।
प्रदर्शन से पहले बढ़ी हलचल
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब दिपके और उनके संगठन की ओर से 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रदर्शन की तैयारी की जा रही थी। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया था।
प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच भी स्थिति स्पष्ट नहीं रही। इसी बीच दिपके को मरीन ड्राइव इलाके से पुलिस स्टेशन ले जाने की घटना सामने आने से मामला और चर्चा में आ गया।
फिलहाल इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने हैं। वीडियो में दिपके को पुलिस अधिकारियों के साथ जाते हुए देखा जा सकता है, लेकिन उन्हें किस कानूनी आधार पर थाने ले जाया गया और पूरी कार्रवाई की आधिकारिक प्रकृति क्या थी, इसे लेकर उपलब्ध जानकारी में स्पष्टता नहीं है।
इस मामले का सबसे चर्चित पहलू महिला अधिकारी द्वारा कही गई कथित ‘चाय’ वाली बात बनी हुई है। दिपके का दावा है कि चाय पिलाने के नाम पर उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया, लेकिन वहां चाय नहीं मिली। वहीं पुलिस का कहना है कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया था।
